Financial Planning : जीवन एक अहम सफर है। इसमें कई तरह के फाइनेंशियल टार्गेट होते हैं। उन्हीं टार्गेट के साथ कई अप्रत्याशित स्थितियां भी सामने आती हैं। वैसे तो आप हमेशा अपने और परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना चाहेंगे और एक अच्छे फाइनेंशियल प्लान के साथ ऐसा किया भी जा सकता है। मगर फाइनेंशियल प्लानिंग में यह तय करना जरूरी है कि आपके परिवार की फाइनेंशियल सेफ्टी सिर्फ आपके रहते हुए न हो, बल्कि आपके बाद भी हो। इसके लिए एक खास चीज को आपको अपने पोर्टफोलियो और फाइनेंशियल प्लानिंग में शामिल करना होगा। ये है लाइफ इंश्योरेंस और भी लंबी अवधि वाला। जैसे-जैसे आपकी आयु बढ़ती जाती है, जीवन बीमा की अहमियत भी बढ़ती जाती है। यहां हम जानेंगे कि किन-किन कारणों से आपके लिए अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग में जीवन बीमा को शामिल करना जरूरी है।

प्रियजनों की हर समय सुरक्षा
जीवन बीमा कवरेज आपके करीबियों, खास कर परिवार, को फाइनेंशियल सेफ्टी देगा। इसमें होता यह है कि आप अपने जीवन पर बीमा कवरेज लेते हैं और इसके बदले बीमा कंपनी को एक तय प्रीमियम का निश्चित अवधि पर भुगतान करते हैं। यदि बीमाधारक का निधन हो जाए तो ऐसी स्थिति में उसके परिवार को बीमित राशि दी जाती है। यदि कोई अतिरिक्त लाभ हो तो वो भी वित्तीय सहायता के तौर पर दिया जाता है।
लंबी अवधि के उद्देश्यों में मददगार
अगर आप जीवन बीमा पॉलिसी लेते हैं तो आप इसकी मदद से लंबी अवधि के टार्गेट्स पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं। बल्कि इस काम में जीवन बीमा पॉलिसी भी आपकी मदद करेंगी। लंबी अवधि की जीवन बीमा पॉलिसियों में यूलिप एक अच्छा ऑप्शन है। वहीं एंडोव्मेंट प्लान भी वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि आपका निवेश लंबे समय तक बढ़े।

निवेश और बचत का फायदा
कई तरह की जीवन बीमा पॉलिसियाँ (यूलिप और एंडोवमेंट प्लान्स) भी एक रिटायरमेंट और निवेश टूल के रूप में भी काम आते हैं। जितनी राशि का आप बीमा कराते हैं वो कई क्यूमेलेटिव बेनेफिट्स के साथ बढ़ती है। इनमें साधारण/चक्रवृद्धि इंसेंटिव्स, सेट बोनस, रिवार्ड बेनेफिट आदि शामिल हैं।
कर्ज का आसान प्रबंधन
जीवन बीमा पॉलिसी के साथ आप डेब्ट और लोन्स के पर रिस्क मैनेजमेंट के बेनेफिट्स का भी फायदा ले सकते हैं। बकाया लोन की चुकौती अवधि के बराबर पॉलिसी अवधि वाली जीवन बीमा पॉलिसी इस संभावना को कम कर देगी कि आपके असामयिक निधन की स्थिति में आपके लोन का भुगतान नहीं होगा। इसलिए, आपके निधन के बाद आपके परिवार को बकाया लोन की टेंशन नहीं होगी।

टैक्स में बचत
एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी पॉलिसी के लिए जो प्रीमियम अदा करेंगे, वो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 (80सी) के तहत टैक्स छूट के लिए पात्र होगी। यानी जीवन बीमा भी टैक्स पर बचत के लिए एक अच्छे विकल्प के रूप में काम करता है। इसके अलावा, 1961 के आयकर अधिनियम की धारा 10 (10डी) के अनुसार, आपको अपनी जीवन बीमा पॉलिसी से जो बीमा इनकम मिलेगी, वो भी टैक्स फ्री रहेगी। आपको अपनी जरूरत से थोड़ा अधिक ही बीमा कवर लेना चाहिए।
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