Fraud Alert: भारत के रक्षा बलों को उनकी बहादुरी के लिए बहुत सम्मान दिया जाता है. लेकिन एक समस्या अब उन पर तेजी से हावी होती नजर आ रहा है. सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों ही कर्मचारी वित्तीय धोखाधड़ी यानी फाइनेंशियल फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं. लगभग हर दिन एक न एक फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें भारी रकम की धोखाधड़ी की जा रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि सैनिकों के साथ बढ़ते फाइनेंशियल फ्रॉड की वजह आखिर किया है.
नए जमाने के फाइनेंशियल मार्केट से अनजान
सेना में अधिकारियों और जवानों को उनकी सर्विस के दौरान लिमिटेड फाइनेंशियस एजुकेशन मिलती है. लेकिन एक बार जब वे सिविलियन के रूप में समाज में रहना शुरू करते हैं, तो मौजूदा समाज के फाइनेंशियल सायकल से अनजान होते हैं. ऐसे में फाइनेंशियल फ्रॉड के शिकार बन जाते हैं. क्योंकि वे नए जमाने के फाइनेंशियल मार्केट की टेक्निकलिटी के बारे में कम जानते हैं, जिससे अक्सर फ्रॉड के शिकार बन जाते हैं.
साइबर क्राइम में बड़े फ्रॉड
साइबर क्राइम में फिशिंग घोटाले, पहचान की चोरी और ऑनलाइन घोटाले शामिल हैं. इसी साल मई की शुरुआत में पुणे में एक सेना के बड़े अधिकारी के साथ 3.1 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ, जिसे फर्जी पुलिस अधिकारी ने अंजाम दिया. इस घटना में सेना के अधिकारी को एक वीडियो कॉलिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया.
फिर उसे फर्जी CBI जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों की धमकी दी. इसकी वजह से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के अकाउंट में 3.1 करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए. पीड़ित ने पुणे के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करा दी है.
इनवेस्टमेंट फ्रॉड
इनवेस्टमेंट फ्रॉड में कई लोग लालच के चक्कर में शिकार बन रहे हैं, जिसमें हाई रिटर्न का वादा किया जाता है. सेना कर्मचारी इस लालच में अपनी जीवन भर की सेविंग निवेश कर देते हैं, लेकिन सब कुछ खो देते हैं. वेटरन को हमेशा याद रखना चाहिए कि इक्विटी मार्केट रिटर्न की गारंटी नहीं दे सकते, जबकि हाई रिस्क होता है. जहां बाजार में गिरावट पर भारी नुकसान हो सकता है.
आंकड़े बताते हैं कि ठगी के मामलों में शिकार होने वालों में रिटायर्ड सैनिकों की संख्या ज्यादा है. पुणे पुलिस ने हाल ही में एक कारोबार और 6 अन्य लोगों के खिलाफ 2020 से 2024 के बीच शेयर ट्रेडिंग घोटाले का मामला दर्ज किया, जिसमें 262 निवेशकों ( ज्यादातर पूर्व सैनिकों) से 26.41 करोड़ रुपए की ठगी किया गया है. यह घोटाला तब सामने आया जब कारोबार जो एक पूर्व सैनिक भी है उसने वादा किए गए रिटर्न का पेमेंट करने से इनकार कर दिया और अपना ऑफिस बंद करके भाग गया.

लोन और चैरिटी फ्रॉड
लोन और चैरिटी फ्रॉड युद्ध विधवाओं की मदद के लिए चैरिटी मांगने वाले व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मैसेज आम हैं. इस तरह की मदद के लिए रिटायर्ड सैनिक या कार्यरत सैनिक तत्पर रहते हैं जिसका फायदा ठग उठाते हैं.
फाइनेंशियल फ्रॉड से कैसे बचें?
- कॉल, ईमेल, टेक्स्ट या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए अनचाहे ऑफर्स से सावधान रहें
- मास्क्ड आधार कार्ड का इस्तेमाल करें, जब भी संभव हो अपनी पहचान सुरक्षित रखें
- दपर्सनल डॉक्युमेंट्स की फोटोकॉपी देते समय, उनकी वैलिडिटी और उद्देश्य का उल्लेख करें
- एफडी दरों से अधिक गारंटीकृत रिटर्न के किसी भी दावों को ठीक से जांचे-परखें
- नकली सेना कल्याण कोष से सावधान रहें
- प्रॉपर्टी खरीदते समय ओनरशिप को जांच लें और इसके लिए प्रोफेशनल्स की मदद लें
- हमेशा विनियमित संस्थाओं के माध्यम से निवेश करें, क्योंकि अनियमित निवेश जोखिम भरा होता है


Click it and Unblock the Notifications