अप्रैल का आधा महीना बीत चुका है और भारतीय बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें इस वक्त अपने चरम पर हैं। बचत करने वालों के लिए ऊंची ब्याज दरों का फायदा उठाने का यह एक शानदार मौका है। हालांकि, FD, रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और SIP में से किसे चुनें, यह पूरी तरह आपके रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। बदलते फाइनेंशियल साइकिल के बीच निवेशकों को सुरक्षा और ग्रोथ के बीच सही तालमेल बिठाना होगा।
देश के बड़े बैंक इस समय सीनियर सिटीजन्स को कुछ खास शॉर्ट-टर्म टेन्योर पर करीब 8 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, ये दरें कमाई का एक सुरक्षित जरिया बनती हैं। हालांकि, लंबी अवधि में बढ़ती महंगाई फिक्स्ड इनकम की वैल्यू को कम कर सकती है। इसलिए, अपनी फाइनेंशियल हेल्थ के लिए यह समझना जरूरी है कि अलग-अलग एसेट्स में आपका पैसा कैसे बढ़ रहा है।

रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या FD: आपके लिए क्या है बेहतर?
फिक्स्ड डिपॉजिट में आपको एकमुश्त रकम जमा करनी होती है, जबकि रिकरिंग डिपॉजिट में आप हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में निवेश कर सकते हैं। दोनों में ब्याज दरें लगभग एक जैसी ही होती हैं, जो इन्हें एक साल से कम के लक्ष्यों के लिए बेस्ट बनाती हैं। अगर आपके पास एक साथ बड़ी रकम नहीं है, तो RD बिना किसी रिस्क के निवेश की आदत डालने का अच्छा तरीका है। वहीं, मार्केट की उठापटक से पैसे को सुरक्षित रखने के लिए FD आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्प मानी जाती है।
| अवधि | FD दरें | SIP रिटर्न | रिस्क लेवल |
|---|---|---|---|
| 6 महीने | 6.0% से 7.2% | उतार-चढ़ाव भरा | कम |
| 12 महीने | 7.0% से 7.8% | मार्केट लिंक्ड | कम |
| 36+ महीने | 7.0% से 7.5% | 12% से 15% | ज्यादा |
SIP और FD: कैसे बनाएं ज्यादा से ज्यादा फंड?
लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने के लिए निवेशक अक्सर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP को पसंद करते हैं। हालांकि SIP पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है, लेकिन 5 साल से ज्यादा के निवेश पर ये आमतौर पर बैंक डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न देते हैं। इसके अलावा, हाई टैक्स ब्रैकेट में आने वाले लोगों के लिए इक्विटी रिटर्न पर टैक्स के नियम ज्यादा फायदेमंद हैं। पूरी तरह टैक्सेबल ब्याज की तुलना में SIP की यह टैक्स एफिशिएंसी इसे काफी आकर्षक बनाती है।
निवेश का फैसला हमेशा आपके समय और टैक्स स्लैब के हिसाब से होना चाहिए। ज्यादा कमाई करने वालों के लिए इस महीने ट्रेडिशनल बैंक डिपॉजिट के मुकाबले इक्विटी SIP ज्यादा टैक्स-एफिशिएंट साबित हो सकते हैं। वहीं, इमरजेंसी फंड के लिए हाई-इंटरेस्ट वाली FD की सुरक्षा का कोई मुकाबला नहीं है। ब्याज दरों में बदलाव के साथ अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा जरूर करते रहें, ताकि आपकी मेहनत की कमाई आपको बेस्ट रिटर्न दे सके।
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