Share Market में लगातार तेजी बनी हुई है, लेकिन दूसरी तरफ बैंक FD की ब्याज दरें तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या निवेशक अपना पैसा शेयर बाजार से निकाल कर क्या एफडी लगाना शुरू कर देंगे। आइये जानते हैं कि क्या हो रहा है।
अगर अभी तक का ट्रेंड देखा जाए तो ऐसा नहीं हो रहा है, लेकिन इसमें निवेशकों से ज्यादा गलती बैंकों की नजर आ रही है। आरबीआई बीते मई से लगातार रेपो रेट को बढ़ाता जा रहा है। मई से अभी तक रेपो रेट में 1.9 फीसदी की बढ़त हो चुकी है। इसके चलते बैंकों ने अपने लोन की ब्याज दरें तेजी से बढ़ाई हैं। हर बार रेपो रेट बढ़ने के साथ देश में लोन महंगा होता जा रहा है।

जानिए बैंक क्या कर रहे हैं चालाकी
वहीं बैंक एफडी की ब्याज दरें उस तेजी से नहीं बढ़ा रहे हैं। अगर उदाहरण के लिए देखा जाए तो एसबीआई की अभी भी 5 साल की एफडी की ब्याज दर करीब 5.85 फीसदी ही है। जबकि महंगाई की दर 7.4 फीसदी पर है। यानी अभी भी बैंक में बैंक में एफडी कराने पर महंगाई से लड़ने से राहत नहीं मिलेगी।
इसका क्या हो रहा है असर
आजकल निवेशक काफी सतर्क और समझदार हो गए हैं। यही कारण है कि निवेशक शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से पैसा निकाल कर एफडी में नहीं लगा रहे हैं। बल्कि अगर उनके पास निवेश लायक पैसा है तो उसे शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में ही लगाया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि लगातार 19वें महीने म्यूचअल फंड में नेट निवेश आया है।

बैंक उठा रहे हैं इस मौके का फायदा
आखिर बैंक अपनी एफडी का ब्याज क्यों नहीं बढ़ा रहे हैं, तो यह उनकी नेट इंटरेस्ट इनकम के आंकड़े के रूप में देखा जा सकता है। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में बीते तिमाही में 19 फीसदी का इजाफा हुआ है। यानी बैंक जमा पर कम ब्याज दे रहे हैं, तो लोन पर ज्यादा ब्याज वसूल रहे हैं। यही कारण है कि बैंकों का नेट इंटरेस्ट इनकम का आंकड़ा सुधर रहा है। यह एक तरह से मौके का फायदा उठाना है।
पूरे घटनाक्रम का शेयर बाजार पर असर
अभी तक के हालात में शेयर बाजार पर इसका कोई असर नहीं दिखा है। लेकिन अगर बैंक की एफडी की ब्याज दरें महंगाई के आंकड़े के आसपास तक आती हैं, तो पैसा शेयर बाजार से निकल कर एफडी में जाना शुरू हो सकता है। जानकारों के अनुसार अभी इसकी संभावना कम नजर आ रही है।

बैंकों के शेयर हो रहे महंगे
अगर बैंक एफडी की ब्याज दरें बढ़ाते तो उनके मुनाफे पर असर दिखाई देता। लेकिन ऐसा नहीं है, तो उनका मुनाफा बढ़ रहा है। यही कारण है कि बैंकों के शेयर इस समय डिमांड में हैं। कई बैंकों के शेयर तो एफडी से कई गुना ज्यादा रिटर्न कुछ ही महीनों में दे चुके हैं।


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