नई दिल्ली, मार्च 30। सावधि जमा (एफडी) लंबी अवधि में निवेश का एक अच्छा विकल्प माना जाता है। एफडी बैंकों या एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स है, जो निवेशकों को मैच्योर तक नियमित बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज दर प्रदान करता है। बता दें कि 22 अक्टूबर 1997 से, आरबीआई ने कमर्शियल बैंकों को अपने संबंधित निदेशक मंडल/एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (एएलसीओ) की मंजूरी लेकर विभिन्न मैच्योरिटी की घरेलू एफडी पर अपनी ब्याज दरें तय करने की स्वतंत्रता दी है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार भारत में विदेशी बैंक शाखाओं ने अपनी आय में 13.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जो कि मुख्य रूप से ब्याज आय 2019-2020 के सहारे थी। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक भारत में 46 विदेशी बैंक हैं। यहां 2 करोड़ रुपये से कम की जमा के लिए भारत में विदेशी बैंकों की सावधि जमा दरें हैं।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक
1-2 साल के लिए - 5.25 फीसदी से 5.30 फीसदी
3-5 साल के लिए : 5.35 फीसदी से 5.60 फीसदी
सिटी बैंक
1-2 साल की के लिए : 2.75 फीसदी से 3 फीसदी
3 साल से ऊपर के लिए : 3.5 फीसदी
एचएसबीसी बैंक
1-2 साल के लिए : 3.10 फीसदी से 3.5 फीसदी
3-5 साल की के लिए : 4 फीसदी
डॉयचे बैंक
1-2 साल के लिए : 3.85 फीसदी से 5 फीसदी
3-5 साल के लिए : 5.50 फीसदी से 6 फीसदी
5 साल के लिए : 6.25 फीसदी
डीबीएस बैंक
1-2 साल के लिए : 5 फीसदी से 5.25 फीसदी
3-5 साल के लिए : 5.65 फीसदी
5-10 साल के लिए : 5.75 फीसदी
बार्कलेस बैंक
1-2 साल के लिए : 3.58 फीसदी से 3.85 फीसदी
3-5 साल के लिए : 4.55 फीसदी से 4.98 फीसदी
अधिकतम कार्यकाल 7 वर्ष के लिए : 4.98 फीसदी से 5.36 फीसदी
जानिए नया नियम
मैच्योरिटी के बाद अगर आप राशि का दावा नहीं करते हैं, तो आपको इसमें कम ब्याज मिलेगा। यह ब्याज बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज के बराबर होगा। वर्तमान में, बैंक आम तौर पर 5 से 10 साल की लंबी अवधि के साथ एफडी पर 5 फीसदी से अधिक ब्याज देते हैं। वहीं, बचत खातों पर ब्याज दर करीब 3 फीसदी से 4 फीसदी के बीच है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की एफडी दरें
हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने 22 मार्च से सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में बदलाव किया। बैंक ने संशोधन करके अपनी एफडी दरों में बढ़ोतरी की। इस वृद्धि के बाद बैंक की एफडी ब्याज दरें विभिन्न सावधि जमा अवधि पर 2.80 फीसदी से 5.55 फीसदी तक हो गयीं। ये 7 दिनों से 45 दिनों की मैच्योरिटी अवधि के लिए 2.80 फीसदी की ब्याज दर पेश करेगा। सामान्य नागिरकों को 46 दिन से 90 दिन पर 3.70 प्रतिशत, 91 दिन से 180 दिन पर 3.70 प्रतिशत, 181 दिन से 270 दिन पर 4.30 प्रतिशत, 271 दिन और उससे अधिक और 1 वर्ष से कम पर 4.40 प्रतिशत और 1 वर्ष पर 5.00 प्रतिशत की पेशकश की जाएगी। 1 वर्ष से ऊपर और 400 दिन तक पर 5.20 प्रतिशत, 400 दिन से अधिक और 2 वर्ष तक पर भी 5.20 प्रतिशत, 2 वर्ष से अधिक और 3 वर्ष तक पर 5.20 प्रतिशत, 3 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष तक पर 5.35 प्रतिशत, 5 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक पर 5.35 प्रतिशत और 10 वर्ष से अधिक पर 5.10 प्रतिशत की ब्याज दर होगी।
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