नई दिल्ली, अप्रैल 11। किसी भी कंपनी को शेयर बाजार में आने से पहले आईपीओ लाना होता है। आईपीओ के जरिए कंपनियां पब्लिक और संस्थागत निवेशकों को शेयर बेचती हैं। इसके लिए उन्हें पहले बाजार नियामक सेबी की मंजूरी लेनी होती है। पब्लिक निवेशकों को शेयर किस रेट पर बेचे जाएंगे, ये कंपनी पहले से एक प्राइस बैंड के जरिए तय करती है। आईपीओ में कितने शेयर बेचे जाएंगे, ये भी पहले से तय होता है। कंपनी को आईपीओ में रखे गए शेयरों से अधिक और कम दोनों स्थिति के आवेदन मिल सकते हैं। फिर कंपनी का शेयर प्रीमियम (इश्यू भाव से अधिक) या डिस्काउंट (इश्यू भाव से कम) पर स्टॉक एक्सचेंजो पर लिस्ट होता है। फिर उसके शेयरों में नॉर्मल ट्रेडिंग शुरू हो जाती है। आईपीओ काफी मुनाफा करा देते हैं। कुछ अच्छी कंपनियों के शेयर आईपीओ प्राइस बैंड के दोगुने पर भी लिस्ट हुए हैं। यहां हम आपको एक ऐसी कंपनी की जानकारी देंगे, जिसके शेयर ने लिस्टिंग के बाद साल भर में निवेशकों का पैसा 50 गुना कर दिया।
ईकेआई एनर्जी
हम बात करने जा रहे हैं ईकेआई एनर्जी की। बता दें कि ईकेआई एनर्जी का आईपीओ पिछले साल अप्रैल में आया था। इसके आईपीओ इश्यू में प्राइस बैंड 100-102 रु पर था। पर इसका शेयर 37 फीसदी प्रीमियम के साथ शेयर बाजार में 140 रु पर लिस्ट हुआ था। फिर उसी दिन को कंपनी का शेयर और तेजी के साथ 162.05 रु पर बंद हुआ था।
कराता रहा तगड़ा मुनाफा
अप्रैल 2021 से अब तक ईकेआई एनर्जी का शेयर करीब 4900 फीसदी रिटर्न दे चुका है। यानी यदि किसी लिस्टिंग वाले दिन के अंतिम रेट से भी कंपनी के शेयरों में 1 लाख रु का निवेश किया होगा तो उसकी निवेश राशि आज 50 लाख रु हो गयी होगी। आज कंपनी का शेयर 80000 रु से ऊपर है। मगर इसके शेयर में कमजोरी दिख रही है। पर ये बीते 5 दिन में करीब 3 फीसदी (करीब 12 बजे के रेट के अनुसार) ऊपर चढ़ा है।
क्या है कंपनी का बिजनेस
2011 में स्थापित, ईकेआई एनर्जी एक वैश्विक स्तर पर फैली हुई भारत में कार्बन क्रेडिट उद्योग में प्रमुख कंपनियों में से एक है। कार्बन मार्केट एक ऐसे सिस्टम को संदर्भित करता है जो निवेशकों और कंपनियों को कार्बन क्रेडिट और कार्बन ऑफसेट दोनों को एक साथ ट्रेड करने की अनुमति देता है। यह पर्यावरण संकट को कम करने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और बाजार के नए अवसर पैदा करने में मदद करता है।
कंपनी के लिए फ्यूचर बेहतर
अगले 20 से 30 वर्षों में 'नेट जीोरो' लक्ष्य चुनने वाले अधिकांश देश ईकेआई एनर्जी के उत्पादों और सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण मांग पैदा करेंगे। इसका मजबूत वैश्विक नेटवर्क फर्म को ऑपरेशन बढ़ाने और एक ग्रोइंग सस्टेनेबल बिजनेस बनने में मदद करेगा।
1 महीने का रिटर्न
ईकेआई एनर्जी का 1 महीने का रिटर्न 15 फीसदी रहा है, जबकि 6 महीनों में इसने अब तक 172 फीसदी रिटर्न दिया है। पर 2022 में अब तक ये नुकसान कराने वाले शेयरों में से रहा है। इसने 2022 में अब तक करीब 22.3 फीसदी गिरावट दर्ज की है। करीब 4 महीनों में ये 42 फीसदी फायदा करा चुका है।


Click it and Unblock the Notifications