21 सितंबर को केरल पुलिस ने एक चेतावनी जारी कर नकली हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट ऐप्स से सावधान रहने को कहा है, जो लोगों के UPI खातों से पैसे उड़ा रहे हैं। जालसाज गूगल सर्च पर स्पॉन्सर्ड रिजल्ट्स या फर्जी लिस्टिंग बनाकर रख देते हैं। जब लोग इन फर्जी नंबरों पर कॉल करते हैं, तो ठग उन्हें व्हाट्सएप पर APK (Android Package Kit) फाइल इंस्टॉल करने को कहते हैं। जैसे ही आप इसे फोन में डालते हैं, यह मालवेयर आपके OTP चुराकर UPI ऐप्स के जरिए अवैध ट्रांजेक्शन करने लगता है।
पुलिस के मुताबिक, ठग खास तौर पर UPI Lite का फायदा उठा रहे हैं, क्योंकि इसमें बिना OTP दर्ज किए छोटे भुगतान हो जाते हैं। पीड़ितों ने बताया कि बड़ा झटका देने से पहले ठगों ने उनके खाते से 1,000 रुपये से कम के कई छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन किए। यह फर्जी ऐप इंस्टॉल होते ही SMS, नोटिफिकेशन और एक्सेसिबिलिटी की परमिशन हासिल कर लेता है, जिससे साइबर अपराधियों को OTP और PIN आसानी से मिल जाता है। अधिकारियों की सलाह है कि अस्पताल का फोन नंबर या बुकिंग लिंक केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।

नकली अस्पताल ऐप: पुलिस की चेतावनी और UPI ठगी का पूरा पैंतरा
अगर आपने गलती से कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं। सबसे पहले उस ऐप को अनइस्टॉल करें, फिर सेटिंग्स में जाकर एक्सेसिबिलिटी, SMS और नोटिफिकेशन की परमिशन हटा दें। तुरंत मोबाइल डेटा बंद करें, सभी UPI ऐप्स से लॉगआउट करें और अपना UPI PIN बदलें। UPI Lite को डिसेबल करें, अनजान डिवाइसेस को डी-लिंक करें और तुरंत अपने बैंक को सूचित करें। ठगी होने के 24 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत दर्ज कराने का तरीका: 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in
वित्तीय धोखाधड़ी होते ही सबसे पहले 1930 पर कॉल करें ताकि साइबर सेल आपके पैसे के ट्रांसफर को रोकने (फ्रीज करने) की कोशिश कर सके। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें और एक्नॉलेजमेंट नंबर सुरक्षित रख लें। शिकायत दर्ज करते समय स्क्रीनशॉट, UPI ID, बैंक स्टेटमेंट और उस नुकसानदेह फाइल को अपलोड करें (हर फाइल 10 MB से कम होनी चाहिए)। तेजी से कार्रवाई के लिए यह रेफरेंस नंबर अपने बैंक और स्थानीय साइबर पुलिस के साथ भी साझा करें।
प्ले स्टोर पर सुरक्षा जांच और APK फाइल के खतरे
हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट लेने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या Google Maps पर वेरीफाइड लिस्टिंग का ही इस्तेमाल करें। Google Play Store से ऐप डाउनलोड करते वक्त डेवलपर वेबसाइट, डाउनलोड्स की संख्या, हालिया अपडेट और रिव्यू जरूर चेक करें। व्हाट्सएप या मैसेज से भेजी गई किसी भी बाहरी APK (Android Package Kit) फाइल को बिल्कुल इंस्टॉल न करें। हालिया एडवाइजरी में अधिकारियों ने व्हाट्सएप पर पहचान बदलकर ठगी करने वाले गिरोहों और फर्जी लोन ऐप्स को लेकर भी अलर्ट किया है। किसी भी अनजान QR कोड, कैशबैक लिंक या अप्रूवल रिक्वेस्ट को तुरंत संदिग्ध समझें और सतर्क रहें।


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