EPFO Employee Enrollment Scheme 2025; What is the EPFO Employee Enrollment Scheme 2025?: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए भविष्य में आर्थिक सहायता का सबसे बड़ा साधन या उम्मीद पीएफ यानी प्रोविडेंट फंड होता है। यही कारण है कि सरकार प्राइवेट कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने को लेकर कई कदम उठाए हैं और अब इस दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने EPFO के 73वें स्थापना दिवस पर एक नई योजना शुरू की है। इस योजना का नाम ने कर्मचारी नामांकन योजना 2025 (Employee Enrollment Scheme 2025) है।

पीएफ विड्रॉल को आसान बनाने की दिशा में उठाए जा रहे एतिहासिक कदम के बीच अब ईपीएफओ ने इम्प्लॉयी इनरॉलमेंट स्कीम के तहत उन कर्मचारियों को पीएफ सिसस्ट में शामिल करने के लिए नई योजना की शुरुआत की है जो अब तक किसी कारण से इससे बाहर रह गए थे।
श्रम एवं रोजगार मंत्री माननीय मनसुख मांडविया ने EPFO के 73वें स्थापना दिवस पर इसे लॉन्च करते हुए कहा कि EPFO सिर्फ एक फंड नहीं, बल्कि भारत के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा पर भरोसे का प्रतीक है।
कब से लागू है योजना?
केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने इसी साल 13 अक्टूबर को इस योजना की घोषणा की थी और यह 1 नवंबर 2025 से लागू है। सरकार ने कहा है कि यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है और कंपनियों को अपने कर्मचारियों को खुद जोड़ना होगा।
कौन और कैसे ले सकता है योजना का लाभ? (Who is eligible for Employee Enrollment Scheme 2025?)
सरकार की इस नई योजना के तहत इसका लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच किसी संस्थान में जुड़े थे लेकिन PF में शामिल नहीं थे। योजना की शर्तों के अनुसार, स्कीम का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जो घोषणा की तिथि पर जीवित हो और उस अभी भी संस्थान में कार्यरत हो। EPFO ने पहले ही कहा है कि जो कर्मचारी पहले ही कंपनी छोड़ चुके हैं, उनके मामले में कोई स्वतः कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह स्कीम उन संस्थानों पर भी लागू होगी जिन पर EPF अधिनियम की धारा 7A, स्कीम की धारा 26B या पेंशन स्कीम की धारा 8 के तहत जांच चल रही हो।
योजना के क्या हैं नए नियम?
इस योजना के नए नियम के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी का PF हिस्सा पहले वेतन से नहीं काटा गया था, तो उसे माफ कर दिया जाएगा। यहां पर कंपनियों को सिर्फ अपना हिस्सा देना होगा और साथ में 100 रुपये का नाममात्र जुर्माना लगेगा। कर्मचारी पर किसी पुराने बकाया का बोझ नहीं पड़ेगा।
केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'ईपीएफओ को सेवा वितरण में निष्पक्षता, गति और संवेदनशीलता सुनिश्चित करके नागरिकों का विश्वास मजबूत करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ते हुए सामाजिक सुरक्षा में वैश्विक मानक स्थापिक करने का आह्वान किया।'
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में ईपीएफओ ने देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है। सदस्यों की संतुष्टि ही ईपीएफओ की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।'
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