कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का 'एंप्लॉयीज एनरोलमेंट कैंपेन 2026' (EEC 2026) 1 जुलाई से शुरू हो चुका है और यह 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह वन-टाइम स्कीम कंपनियों को 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच छूटे हुए योग्य कर्मचारियों के नाम जोड़ने की छूट देती है। अगर आपकी पुरानी कंपनी ने आपको पीएफ में दर्ज नहीं किया था, तो पुराना पीएफ कवर पाने का यह आखिरी मौका है। डेडलाइन खत्म होने से पहले अपना पीएफ स्टेटस चेक करें और तुरंत अपनी कंपनी से संपर्क करें।
स्कीम की शर्तें बिल्कुल साफ हैं। कर्मचारी ने तय अवधि के दौरान काम किया हो, वह जीवित हो और कंपनी जब घोषणा पत्र जमा करे, तब वह पे-रोल पर होना चाहिए। सबसे राहत की बात यह है कि अगर आपकी सैलरी से पीएफ का हिस्सा कभी नहीं काटा गया था, तो इसे पूरी तरह माफ कर दिया गया है। कंपनी को केवल अपना हिस्सा, ब्याज, प्रशासनिक शुल्क और प्रति प्रतिष्ठान मात्र ₹100 का नाममात्र का जुर्माना ही देना होगा।

EPFO EEC 2026: आज ही निपटा लें ये जरूरी काम
बिल्कुल देर न करें, आज ही एक्शन लें। सबसे पहले अपने UAN पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी सर्विस हिस्ट्री जांचें। अपनी ईपीएफ पासबुक खोलकर देखें कि पुरानी सभी कंपनियों का पीएफ योगदान दर्ज है या नहीं। अगर कहीं कोई एंट्री गायब है, तो तुरंत अपनी पे-स्लिप और अपॉइंटमेंट लेटर जुटा लें। EEC 2026 कैंपेन का हवाला देते हुए HR को ई-मेल भेजें, जल्द डिक्लेरेशन दाखिल करने की अपील करें और उनसे इसी महीने जवाब मांगने की डेडलाइन तय करें।
EPFO EEC 2026: कंपनियों की देनदारी और नियम
यह समझना बेहद जरूरी है कि EEC 2026 के तहत कंपनी को कितना बकाया चुकाना होगा। कंपनी को केवल छूटे हुए महीनों का अपना पीएफ हिस्सा जमा करना होगा, धारा 7Q के तहत तय ब्याज देना होगा और नियमित प्रशासनिक शुल्क भरना होगा। सबसे खास बात यह है कि पेनाल्टी के तौर पर कंपनी को एकमुश्त सिर्फ ₹100 ही देने होंगे। इसके अलावा, अगर कर्मचारी के हिस्से का पीएफ पहले नहीं काटा गया था, तो अब उनसे कुछ भी नहीं लिया जाएगा।
| घटक (कॉम्पोनेंट) | किसकी देनदारी | जरूरी बात |
|---|---|---|
| कंपनी का पीएफ योगदान | कंपनी (नियोक्ता) | छूटे हुए महीनों का वैधानिक बकाया जमा करना होगा। |
| बकाये पर ब्याज (धारा 7Q) | कंपनी (नियोक्ता) | कंपनी के हिस्से में हुई देरी पर लागू होगा। |
| प्रशासनिक शुल्क | कंपनी (नियोक्ता) | नियमितीकरण के लिए ईपीएफ नियमों के अनुसार लागू। |
| जुर्माना शुल्क | कंपनी (नियोक्ता) | EEC 2026 के तहत प्रति प्रतिष्ठान एकमुश्त ₹100। |
| कर्मचारी का पीएफ हिस्सा | यदि नहीं काटा गया तो देय नहीं | कर्मचारी की टेक-होम सैलरी बचाने के लिए छूट। |
EPFO EEC 2026: अगर कंपनी इनकार करे तो क्या करें?
अगर आपकी कंपनी बात मानने से इनकार करती है या टालमटोल करती है, तो बिना देर किए EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। वहां 'PF Member' विकल्प चुनें, अपनी कंपनी को टैग करें, सबूत अटैच करें और मामले की जांच की मांग करें। जरूरत पड़ने पर संबंधित पीएफ ऑफिस के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत की प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए 31 अक्टूबर 2026 से काफी पहले यह कदम उठा लें। आगे के फॉलो-अप के लिए अपनी शिकायत की रसीद और भेजे गए रिमाइंडर्स की कॉपी सुरक्षित रखें।
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