निवेश से कमाई : 5 साल की देरी करा सकती है 1.5 करोड़ रु का नुकसान, जानिए कैसे

नयी दिल्ली। इससे पहले की आपकी रिटायरमेंट की उम्र नजदीक आने लगे निवेश शुरू करना बहुत अच्छा ऑप्शन है। एक्सपर्टस सलाह देते हैं कि किसी भी युवा भी नौकरी के शुरुआती दिनों से ही निवेश शुरू कर देना चाहिए। इससे होगा ये कि जब 25-30 साल बाद रिटायरमेंट की उम्र के करीब पहुंचेगें तो आपके पास एक बड़ा फंड होगा। यहां बड़े फंड का मतलब करोड़ों रु है। जी हां 25-30 बल्कि 20 सालों में भी निवेश से 1 करोड़ रु से ज्यादा का फंड बनाया जा सकता है। मगर निवेश में देरी आपके नुकसान का कारण भी बन सकती है। अगर 5 साल देरी से निवेश शुरू करते हैं तो आपको रिटायरमेंट के समय 1.5 करोड़ रु कम हासिल होंगे, जो एक नुकसान है। यहां हम समझेंगे आपकी जरूरत और देर से निवेश करने पर होने वाले इस 1.5 करोड़ रु के नुकसान के बारे में।

30 साल बाद कितनी होगी जरूरत

30 साल बाद कितनी होगी जरूरत

एक अनुमान के अनुसार जो व्यक्ति इस समय परिवार के खर्च पर हर महीने 50 हजार रु खर्च कर रहा है उसे 30 साल बाद 2.16 लाख रु मासिक की जरूरत होगी। यहां अगले 30 सालों के महंगाई दर का अनुमान 5 फीसदी माना गया है। ऐसी स्थिति में रिटायरमेंट के वक्त आपको 4.32 करोड़ रु का बड़ा फंड चाहिए होगा। ये फंड तैयार करना मुश्किल लग सकता है, मगर ऐसा है नहीं। यदि जल्दी निवेश शुरू किया जाए तो आसानी से नौकरी के दौरान इस फंड को जमा किया जा सकता है। इसके लिए आपको रोज के 200 रु से भी कम की जरूरत होगी। लेकिन अगर आप रिटायरमेंट के लिए बचत/निवेश में पांच साल की देरी करते हैं, तो यह आपके रिटायरमेंट फंड में बहुत बड़ा बदलाव लाएगा।

जानिए पूरा गुणा-गणित

जानिए पूरा गुणा-गणित

निवेश में 5 साल की देरी से होने वाले नुकसान को समझाने के लिए हमने यहां आसान कैल्कुलेशन की है। मान लीजिए कि 25 वर्ष के लिए 3 लोग ए, बी और सी अपने रिटायरमेंट के लिए हर महीने म्यूचुअल फंड स्कीम में एसआईपी के माध्यम से 5,000 रुपये का निवेश करना चाहते हैं। ए ने 25 साल की उम्र में निवेश शुरू किया, जबकि बी 5 साल बाद (30 साल की आयु में) और सी अपनी एसआईपी 10 साल बाद (35 साल की आयु में) शुरू करेगा। ए, बी और सी के पास रिटायरमेंट तक निवेश के लिए क्रमश 35, 30 और 25 साल हैं। कैल्कुलेशन के अनुसार 60 साल की आयु पर इन तीनों लोगों के पास क्रमश: 3.24 करोड़ रुपये, 1.76 करोड़ रुपये और 95 लाख रुपये का फंड होगा। ए और बी के फंड में 5 साल का गैप और करीब 1.5 करोड़ रु का अंतर है। यही देरी से निवेश करने का नुकसान है।

थोड़े अमाउंट से शुरू करें शुरुआत

थोड़े अमाउंट से शुरू करें शुरुआत

ऊपर बताए गए आंकड़ो से साफ पता चलता है कि आपको रिटायरमेंट के लिए जल्दी निवेश क्यों शुरू करना चाहिए। नौकरी के शुरुआती वर्षों में आपके लिए अगर हर महीने 5,000 रुपये की बचत संभव न हो तो आप 2,000 रुपये की कम राशि के साथ शुरू कर सकते हैं। इसमें हर साल रिटायरमेंट तक 10 फीसदी राशि बढ़ाते रहें। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार यदि आप 25 साल की उम्र में हर महीने 2,000 रुपये की एसआईपी शुरू करें और 60 साल की उम्र तक हर साल उसमें 10 फीसदी राशि बढ़ाते रहें तो रिटायरमेंट के समय आपके हाथ में 3.19 करोड़ रुपये का फंड होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि हर 10 फीसदी रकम बढ़ाने से एक 5000 रु से कहीं ज्यादा निवेश कर रहे होंगे।

कम्पाउंडिंग का मिलता है फायदा

कम्पाउंडिंग का मिलता है फायदा

जितनी लंबी निवेश अवधि होती है उतना ही ज्यादा आपको कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है। इसलिए अपने वित्तीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए जल्द निवेश शुरू करना बेहतर है। यह नियम बाकी वित्तीय लक्ष्यों के साथ-साथ सपनों के घर की डाउनपेमेंट के लिए या आपके बच्चों की शिक्षा के लिए भी लागू होता है।

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