नई दिल्ली, अप्रैल 15। पहली सैलेरी मिलना एक युवा के जीवन में सबसे अहम पलों में से एक होता है। इस मौके पर अकसर युवा परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए पैसा खर्च करते हैं। हालाँकि कमाना शुरू करने के 2-3 या अधिकतम छह महीने बाद युवा आयु में कमाई शुरू करने वालों को अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। उन्हें अपने रिटायरमेंट सेवानिवृत्ति के लिए एक बड़ा फंड बनाने और जीवन के बाकी टार्गेट को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए। इन टार्गेट में आपकी शादी, घर या कार खरीदना जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। इसके लिए कुछ टिप्स हैं, जो आपको जरूर अपनाने चाहिए।
एजुकेशन लोन चुकाएं
एजुकेशन लोन के ब्याज पर धारा 80 ई के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है। इससे उधारकर्ताओं पर ब्याज का बोझ कम होता है। इसलिए आम तौर पर युवा एजुकेशन लोन चुकाने में देरी करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट लोन का भुगतान जल्दी करने की सलाह देते हैं। ध्यान दिया जाना चाहिए कि जितनी जल्दी आप अपने एजुकेशन लोन का भुगतान करते हैं आप बाकी वित्तीय लक्ष्यों के लिए योजना बनाना शुरू कर सकते हैं।
इमरजेंसी के लिए फंड
कोविड महामारी ने हम सभी को एक इमरजेंसी फंड की जरूरत का महत्व सिखाया है। नौकरी छूटने या अस्पताल में भर्ती होने जैसी आपात स्थितियों के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। इसके लिए जरूरत होती है एक इमरजेंसी फंड की। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इमरजेंसी फंड इतना होना चाहिए कि आपके न्यूनतम छह महीने के खर्चे पूरे हो सकें।
रिटायरमेंट प्लानिंग अनदेख न करें
रिटायरमेंट आखिरी चीज होती है जिस पर युवा ध्यान देते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि यदि आप अपने रिटायरमेंट के लिए जल्दी योजना बनाना शुरू करते हैं, तो आप रिटायरमेंट के बाद के लिए एक बड़ा फंड बना सकते हैं। आप हर महीने एक छोटी राशि की बचत भी कर सकते हैं। इससे लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। इसके लिए आप पीपीएफ जैसी किसी योजना का सहारा ले सकते हैं।
इक्विटी में करें निवेश
युवा कमाने वालों के लिए, सबसे बड़ा फायदा उनकी उम्र है। यदि आप रिटायरमेंट जैसे लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी में जल्दी निवेश करना शुरू करते हैं, तो हर महीने एक छोटी राशि की बचत करके भी एक बड़ा फंड जमा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई युवा एसआईपी के जरिए हर महीने 1,000 रुपये का निवेश करके 23 साल की उम्र में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करना शुरू कर देता है और हर साल 60 साल की उम्र तक एसआईपी की राशि 10% बढ़ाता है तो वह 2.10 करोड़ रुपये का कोष जमा कर सकता है।
बीमा भी जरूरी
शादी के बाद आप पर परिवार की अधिक जिम्मेदारी होती है। इसलिए 30 साल की आयु के बाद बीमा लेने में देरी न करें। टर्म प्लान के साथ हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें। पर्याप्त बीमा जीवन में बहुत जरूरी है। इसे अपने अहम खर्चों में शामिल करें।
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