डिजिटल अरेस्ट और व्हाट्सएप के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े को लेकर सुप्रीम कोर्ट 16 सितंबर 2026 को अपने स्वतः संज्ञान मामले पर सुनवाई फिर शुरू कर रहा है। इससे पहले अगस्त में कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 'म्यूल अकाउंट्स' (फर्जी बैंक खातों) से निपटने के लिए एक SOP मांगी थी। इसके अलावा 1930 हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए पीड़ित का पैसा जल्दी रिफंड कराने के निर्देश भी दिए गए थे। आज होने वाली समीक्षा सुनवाई में बैंकों द्वारा अकाउंट फ्रीज करने और एक बैंक से दूसरे बैंक में फंसे पैसे को वापस मंगाने की सख्त समयसीमा तय की जा सकती है।
आज की सुनवाई के लिए केंद्र सरकार को अपनी एक समेकित (कंसोलिडेटेड) अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। उम्मीद है कि इसमें RBI के SOP, ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) व्यवस्था और सिम-केवाईसी (SIM-KYC) के तालमेल पर नई अपडेट्स सामने आएंगी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ वीडियो कॉल के लिए 'किल स्विच' के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि "यह SOP हर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी उपलब्ध कराई जाएगी।"

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: म्यूल अकाउंट्स पर SOP और तेजी से रिफंड की तैयारी
साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों के लिए शुरुआती पहला घंटा ही सबसे ज्यादा अहम होता है। धोखाधड़ी होते ही सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और फिर साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद अपनी शिकायत संख्या तुरंत अपने बैंक के साथ साझा करें ताकि ठगों के खाते से पैसों की निकासी (डेबिट) रोकी जा सके। बैंक से 2026 NCRP-CFCFRMS शिकायत और धन वापसी SOP के तहत टिकट जारी करने की मांग करें। अपने केस का स्टेटस 'मनी रिस्टोरेशन' मॉड्यूल पर ट्रैक करते रहें और सभी पावतियों (acknowledgements) को सुरक्षित रखें।
व्हाट्सएप फ्रॉड से बचने की चेकलिस्ट: क्या करें और क्या न करें
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| व्हाट्सएप या स्काइप पर लंबी संदिग्ध कॉल तुरंत काट दें; 1930 पर डायल करें; संबंधित अधिकारियों की पहचान खुद स्वतंत्र रूप से जांचें। | डराने-धमकाने वाली कॉल पर बने रहें, कोई आईडी शेयर करें, या तथाकथित "सुरक्षित खातों" में पैसे ट्रांसफर करें। |
| यूपीआई से पैसे प्राप्त करते समय केवल 'UPI Collect' का इस्तेमाल करें; पाने वाले का नाम और सही रकम हमेशा जांच लें। | पैसे 'प्राप्त करने' के लिए अनजान QR कोड स्कैन करें या कभी भी अपना UPI PIN दर्ज करें। |
| रिमोट-एक्सेस ऐप्स से दूर रहें; स्क्रीन शेयरिंग बंद रखें; संदिग्ध ऐप्स/प्रोफाइल तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। | किसी लिंक से APK फाइलें डाउनलोड करें, फोन का एक्सेस किसी अनजान को दें, या संदिग्ध फॉर्म/PDF किसी को फॉरवर्ड करें। |
यूपीआई यूजर्स और अकाउंट फ्रीज से जुड़े अधिकार
सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि बैंकों द्वारा खाते फ्रीज करने की प्रक्रिया के लिए मानक समयसीमा तय हो और ग्राहक बैंक शाखा स्तर पर आसानी से अपील कर सकें। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साइबर पोर्टल के जरिए अब तक 36,290 मामलों में कुल ₹18.05 करोड़ वापस कराए जा चुके हैं। यह सेवा अब सभी राज्यों के 57 प्रमुख बैंकों और उनकी 1,23,590 शाखाओं तक पहुंच चुकी है। उधर, व्हाट्सएप ने बताया कि उसने 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े 9,400 खातों पर प्रतिबंध लगाया है। CFCFRMS प्रणाली के जरिए बैंक-टू-बैंक तेजी से फंड रिकवरी से यूपीआई यूजर्स को रिफंड मिलने की समयसीमा काफी घट सकती है।
सुरक्षा के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर अपने फोन में तुरंत सेव कर लें, दैनिक यूपीआई लिमिट सीमित रखें और बड़े ऑटोपे (Autopay) ऑप्शन बंद कर दें। व्हाट्सएप या स्काइप पर मिलने वाली धमकियों से डरें नहीं, बल्कि सीधे आधिकारिक वेबसाइटों के जरिए सच का पता लगाएं। अपने सिम कार्ड की KYC डिटेल्स अपडेट रखें और यूजर-आइडेंटिफिकेशन नियमों पर नजर बनाए रखें। उम्मीद है कि आज की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से बैंकों की जवाबदेही तय होगी, जिससे लोगों का वित्तीय नुकसान कम हो सकेगा। यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लें, सभी साक्ष्य दर्ज करें और अपने बैंक के साथ लगातार संपर्क में रहें।


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