Sovereign Gold Bonds or Gold ETFs: सोने में निवेश करने के कई सारे तरीके हैं। फेस्टिव सीजन के चलते सोने के रेट में तेजी देखने को मिल रही है। गोल्ड ईटीएफ से लेकर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड तक में आप आसानी से निवेश करके तगड़ा रिटर्न पा सकते हैं। इस धनतेरस पर अगर आप सोने में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको फिजिकल रूप से सोना खरीदना जरूरी नहीं है। अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने की सोच रहे हैं तो चलिए इनके बारे में आपको बताते हैं ताकि आप इनमें धनतेरस पर निवेश करके तगड़ा रिटर्न हासिल कर पाएं।

गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने का फायदा
ETF में कर सकते हैं निवेश शॉर्ट टर्म प्रॉफिट के हिसाब से गोल्ड ईटीएफ काफी अच्छा ऑप्शन है। इसमें निवेशक कभी भी अपनी इच्छा के हिसाब से पैसे निकाल सकता है यानी आप अपनी मर्जी से इस गोल्ड को खरीद या बेच सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ में फिजिकल गोल्ड की तुलना में कम पर्चेजिंग चार्ज लगता है और यह 100 फीसदी शुद्धता की गारंटी देता है।
गोल्ड ईटीएफ यूनिट की शुद्धता
एक गोल्ड ईटीएफ यूनिट 1 ग्राम सोने के बराबर होती है और यह बहुत उच्च शुद्धता वाले फिजिकल गोल्ड द्वारा समर्थित होती है। गोल्ड ईटीएफ स्टॉक निवेश करने में आसानी और सोने के निवेश की सरलता को जोड़ती है।
गोल्ड ईटीएफ किसी भी कंपनी के स्टॉक की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) पर लिस्ट और कारोबार किए जाते हैं। गोल्ड ईटीएफ खरीदने का मतलब है कि आप इलेक्ट्रॉनिक रूप में सोना खरीद रहे हैं। आप गोल्ड ईटीएफ को उसी तरह खरीद और बेच सकते हैं जैसे आप स्टॉक में ट्रेड करते हैं। इसके अलावा गोल्ड ईटीएफ में आप एसआईपी (SIP) के जरिये निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ की खास बात यह है कि लोन लेते वक्त इसे सिक्योरिटी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का फायदा
अगर आप एक सुरक्षित और लंबे निवेश को करने की सोच रहे हैं तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें 8 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। यानी कि निवेश करने के 8 साल तक आप निकासी नहीं कर सकते हैं। हालांकि, इसमें मैच्योरिटी के बाद इनकम टैक्स बेनिफिट मिलता है और 2.5 फीसदी का गारंटी रिटर्न मिलता है। निवेशकों को जारी मूल्य का भुगतान नकद में करना होता है और मैच्योरिटी पर बॉन्ड को नकद में दिया जाएगा। ये बॉन्ड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किया जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इतना निवेश कर सकते हैं
अगर गोल्ड में निवेश करने का मन है लेकिन ज्यादा राशि नहीं लगाना चाहते हैं तब भी आप एसजीबी को चुन सकते हैं। आपको बता दें कि एसजीबी स्कीम भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसमें आपको कम से कम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक का निवेश करने की अनुमति होती है। इन्हें फिजिकल गोल्ड से बेहतर माना जाता है क्योंकि स्टोरेज और लागत की समस्या कम हो जाती है।
बिजनेस टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर आपको 2.5 फीसदी का गारंटी रिटर्न मिलता है। वहीं, वर्तमान में बाजार में 17 गोल्ड ईटीएफ योजनाएं उपलब्ध हैं, जिनका ऐवरेज एक साल का रिटर्न 29.12% है। गोल्ड ईटीएफ किसी भी कंपनी के स्टॉक की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) पर लिस्टेड होते हैं और इनका ट्रेड होता है। अगर गोल्ड में निवेश करने का मन है लेकिन ज्यादा राशि नहीं लगाना चाहते हैं तब भी आप एसजीबी को चुन सकते हैं। आपको बता दें कि एसजीबी स्कीम भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसमें आपको कम से कम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक का निवेश करने की अनुमति होती है।
इन दोनों ही निवेश ऑप्शन में आप धनतेरस पर निवेश कर सकते हैं। निवेश करने से पहले ये फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद भी जरूर लें।


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