पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली एक लोकप्रिय सेविंग स्कीम है। पीपीएफ सुरक्षित निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है।
नई दिल्ली: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली एक लोकप्रिय सेविंग स्कीम है। पीपीएफ सुरक्षित निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है। आपको इस बात से अवगत करा दें कि पीपीएफ में पैसा ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है। अधिकतर बैंक और पोस्ट ऑफिस पीपीएफ में ऑनलाइन पैसा जमा करने की अनुमति देते हैं। वैसे, ऑनलाइन तरीके का इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों को जान लें। पीपीएफ में ऑनलाइन 3 अलग-अलग तरीकों से पैसा जमा किया जा सकता है। एक ही बैंक में पीपीएफ और सेविंग अकाउंट होने पर आप सीधे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। ये खाते अलग-अलग बैंकों में हैं तो बचत खाते से पीपीएफ खाते में पैसा ट्रांसफर करने के लिए एनईएफटी या ईसीएस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पीपीएफ में इन तीन तरीकों से पैसा जमा किया जा सकता है:
एनईएफटी मोड के जरिए करें ट्रांसफर
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर यानी एनईएफटी एक बैंक खाते से दूसरे में फंड ट्रांसफर करने का तरीका है। यह नेट-बैंकिंग के जरिये ऑनलाइन किया जा सकता है। ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए आपके पास पीपीएफ अकाउंट नंबर और उस बैंक ब्रांच का आईएफएससी कोड होना चाहिए, जिसमें पीपीएफ अकाउंट खुला है। एनईएफटी ट्रांसफर सेविंग और करेंट अकाउंट दोनों से किया जा सकता है। इसके जरिये आप इंट्रा-बैंक या इंटरबैंक ट्रांसफर भी कर सकते हैं। एनईएफटी से कुछ समय के भीतर आपके पीपीएफ अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो जाता है। जानकारी दें कि एनईएफटी प्रोसेस होने में 30 मिनट का समय लगता है।
ईसीएस के जरिये
इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम यानी ईसीएस मैनडेट ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें आप एक बैंक से दूसरे में एक निश्चित रकम नियमित रूप से ट्रांसफर कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट के लिए आप ईसीएस मैनडेट सेट कर सकते हैं। ईसीएस मैनडेट सुविधा के माध्यम से आपके बैंक खाते से एक तय राशि अपने आप कटकर पीपीएफ अकाउंट में जमा हो जाएगी। बता दें कि इंटरबैंक पैसा ट्रांसफर करने के लिए इस प्रोसेस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन
सेविंग और पीपीएफ अकाउंट एक ही बैंक में हों तो ऐसे में स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बैंक से सेविंग अकाउंट से पैसा काटकर पीपीएफ अकाउंट में जमा करने के लिए कहा जाता है। यह काफी फ्लेक्सिबल सिस्टम है। इसमें मासिक या दैनिक आधार पर पीपीएफ अकाउंट में पैसा जमा कराया जा सकता है। हालांकि, किसी एक वित्त वर्ष में पीपीएफ खाते में पैसा जमा करने की सीमा 1.5 लाख रुपये तय है। स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन देने पर आपके सेविंग/करेंट अकाउंट से पैसा कटकर अपने आप पीपीएफ अकाउंट में जमा हो जाएगा।
जानिए कब पैसे को ट्रांसफर करना सबसे अच्छा?
पेमेंट के इन ऑनलाइन तरीकों का बेहतरीन इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए हर महीने की पांच तारीख से पहले पीपीएफ में डिपॉजिट करें। पीपीएफ जमा पर ब्याज का कैलकुलेशन हर महीने किया जाता है। यह पीपीएफ खाते में पांच तारीख से महीने की अंतिम तारीख को बचे बैलेंस के आधार पर होता है। इस तरह पांच तारीख से पहले पैसे जमा करने से आपको पीपीएफ बैलेंस पर ज्यादा ब्याज कमाने में मदद मिलती है।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications