Lakhpati Bitiya Yojana: राजधानी दिल्ली में बेटियों को लेकर एक नई पहल की घोषणा की गई है। सरकार ने साफ किया है कि 1 अप्रैल से "लखपति बिटिया योजना" लागू होगी। इसके साथ पहले चल रही योजना को बंद कर दिया जाएगा। नई योजना का मकसद बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सुरक्षा देना है, ताकि पैसों की कमी उनके सपनों के बीच रुकावट न बने।

क्यों जरूरी पड़ी नई पहल?
सरकार का कहना है कि बदलते समय में शिक्षा का खर्च काफी बढ़ गया है। कई परिवार चाहकर भी बेटियों को आगे की पढ़ाई नहीं करवा पाते। खासकर कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स के समय आर्थिक दबाव ज्यादा होता है। ऐसे में यह योजना परिवारों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इससे बेटियों की पढ़ाई बीच में रुकने की संभावना कम होगी।
कितनी मिलेगी कुल राशि?
नई योजना के तहत सरकार अलग-अलग चरणों में कुल 56 हजार रुपये जमा करेगी। यह रकम समय के साथ ब्याज जोड़कर लगभग 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। पैसा सीधे बेटी के बैंक खाते में डाला जाएगा, जो आधार से लिंक होगा। अंतिम भुगतान तब मिलेगा जब बेटी 21 साल की उम्र पूरी कर लेगी या अपनी ग्रेजुएशन अथवा डिप्लोमा की पढ़ाई खत्म कर लेगी।
किस्तों में ऐसे मिलेगा लाभ
जन्म के समय शुरुआती सहायता राशि
पहली कक्षा में प्रवेश पर आर्थिक मदद
छठी, नौवीं, दसवीं और बारहवीं में प्रवेश पर तय रकम
कॉलेज या डिप्लोमा पूरा करने पर अंतिम बड़ी राशि
इन सभी किश्तों को जोड़कर और ब्याज मिलाकर रकम लगभग एक लाख रुपये हो जाएगी।
पात्रता की शर्तें
इस योजना का फायदा उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो कम आय वर्ग में आते हैं। परिवार की सालाना आय तय सीमा के अंदर होनी चाहिए। बच्ची का जन्म दिल्ली में होना जरूरी है और परिवार कुछ सालों से यहां रह रहा हो। एक परिवार की दो बेटियां ही योजना में शामिल की जा सकेंगी।
समाज पर क्या होगा असर?
सरकार का दावा है कि यह योजना बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी और परिवारों को आर्थिक राहत देगी। इससे बेटियों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता मिलेगा और समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा।


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