सोमवार को बॉन्ड सप्लाई के संकेतों से डेट मार्केट का टेस्ट होगा। सरकार का दूसरी छमाही (H2) का उधारी कैलेंडर 3, 5 और 10 साल की यील्ड का रुख तय कर सकता है। इससे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), टारगेट मैच्योरिटी फंड (TMF) और गिल्ट फंड के रिटर्न पर असर पड़ेगा। टैक्स को ध्यान में रखते हुए सही निवेश फैसले लेने के लिए इस आसान गाइड की मदद लें।
नजर रखें कि सरकार अलग-अलग मैच्योरिटी में कितना कर्ज जुटा रही है। अगर 10 साल वाले बॉन्ड की सप्लाई बढ़ती है, तो यील्ड कर्व स्टीपन (ऊपर की ओर) हो सकता है और मिड-टर्म (belly) बॉन्ड सस्ते हो सकते हैं। वहीं 3 से 5 साल वाले पेपर की ज्यादा सप्लाई 10 साल की तुलना में छोटी अवधि की यील्ड को ऊपर खींच सकती है। जैसे-जैसे ड्यूरेशन कम होती है, रोल-डाउन TMF मार्केट के झटकों को संभाल लेते हैं; जबकि गिल्ट फंड हर बेसिस पॉइंट के बदलाव पर तेजी से रिएक्ट करते हैं।

FD बनाम टारगेट मैच्योरिटी बनाम गिल्ट फंड: टैक्स के बाद का गणित
डेट म्यूचुअल फंड से होने वाले फायदों पर अब बिना इंडक्सेशन के सीधे आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। बैंक एफडी से मिलने वाले ब्याज पर भी हर साल स्लैब रेट से ही टैक्स कटता है। आसानी से समझने के लिए, मान लेते हैं कि FD में 7.25% और TMF में 7.6% यील्ड मिल रही है। 30% वाले टैक्स स्लैब में, टैक्स कटने के बाद एफडी का शुद्ध रिटर्न लगभग 5.08% और TMF का 5.32% बैठता है। ₹1,00,000 की मैच्योरिटी रकम का हिसाब नीचे टेबल में देखें; ध्यान रखें कि सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट के लिए 5 साल का लॉक-इन जरूरी है।
| अवधि | FD (नेट) ₹ | टारगेट-मैच्योरिटी (नेट) ₹ |
|---|---|---|
| 6 महीने | 1,02,538 | 1,02,660 |
| 12 महीने | 1,05,075 | 1,05,320 |
| 24 महीने | 1,10,408 | 1,10,923 |
| 36 महीने | 1,16,011 | 1,16,824 |
| मान्यताएं: FD 7.25% प्रति वर्ष; TMF कैरी 7.6% प्रति वर्ष; 30% स्लैब; आंकड़े अनुमानित हैं। | ||
यील्ड के झटकों का असर और 6–36 महीनों के लिए लैडरिंग रणनीति
सबसे पहले अपने कैश फ्लो का तालमेल बिठाएं। 6 से 12 महीने के लिए एफडी या अल्ट्रा-शॉर्ट TMF लैडर को प्राथमिकता दें। 18 से 36 महीने की अवधि के लिए स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDL) या पब्लिक-सेक्टर TMF्स को चुनें। 20 से 30 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाले टैक्सपेयर्स को कैरी और टैक्स टालने (deferral) से ज्यादा फायदा मिलता है। गणना के लिए ₹1,00,000 के आंकड़ों को आधार बनाएं; अगर आपका लक्ष्य ₹5,00,000 का है तो इसे 5 से गुणा कर लें। नीचे दी गई तालिका कैरी को छोड़कर एक दिन की कीमत पर पड़ने वाले अनुमानित असर को दिखाती है।
| Δ यील्ड (bps) | 3-साल का रोल-डाउन TMF | 5-साल का रोल-डाउन TMF | 10-साल का कांस्टेंट-ड्यूरेशन गिल्ट |
|---|---|---|---|
| −25 | +0.6% | +1.0% | +1.75% |
| 0 | 0.0% | 0.0% | 0.0% |
| +25 | −0.6% | −1.0% | −1.75% |
| ड्यूरेशन 2.5y, 4.0y, 7.0y पर आधारित; कीमत में बदलाव ≈ −ड्यूरेशन × Δ यील्ड. | |||
आगे की रणनीति तय करने के लिए दो बातें ध्यान में रखें। अगर सोमवार, 28 सितंबर 2026 को बाजार ऊंची यील्ड के साथ खुलता है, तो रोल-डाउन TMFs में एक्सपोजर बढ़ाएं। इससे आप ज्यादा कैरी लॉक कर पाएंगे और समय के साथ ड्यूरेशन घटती जाएगी। अगर यील्ड में बड़ी गिरावट आती है, तो हर गिरावट पर कांस्टेंट-ड्यूरेशन गिल्ट फंड्स में धीरे-धीरे खरीदारी करें। सोमवार सुबह 9:45 बजे हम सरकारी और राज्य कर्जों के शुरुआती यील्ड आंकड़ों के साथ इसे अपडेट करेंगे। लैडरिंग पर कायम रहें, टैक्स को ध्यान में रखें और बाजार की हर छोटी हलचल के पीछे भागने से बचें।


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