नई दिल्ली, फरवरी 8। प्राइवेट सेक्टर के बैंक डीसीबी बैंक ने बैंक बचत खाते की जमा पर ब्याज दर में बदलाव किया है। नयी दरें 7 फरवरी 2022 से प्रभावी हैं। नयी दरें निवासी, अनिवासी और अनिवासी विदेशी बचत बैंक खातों पर लागू होंगी। एलीट सेविंग्स अकाउंट, फैमिली सेविंग्स अकाउंट, शुभ लाभ सेविंग्स अकाउंट, प्रिविलेज सेविंग्स अकाउंट, कैशबैक सेविंग्स अकाउंट, क्लासिक सेविंग्स अकाउंट और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट या बीएसबीडीए बैंक वे खाते हैं, जिन पर यही ब्याज दरें मिलेंगी। डीसीबी बैंक की बचत खाते की ब्याज दरें इतनी हैं कि आपको बड़े बैंकों में एफडी पर भी इतनी दर नहीं मिलेगी।
चेक करें नयी ब्याज दरें
डीसीबी बैंक 7 फरवरी 2022 से खाते में 1 लाख तक के बैलेंस पर 2.50 प्रतिशत ब्याज दर दे रहा है। बैंक अब से 1 लाख रु से 2 लाख रुपये के बीच बैलेंस पर 4.50 प्रतिशत ब्याज दर देगा। डीसीबी बैंक अब 2 लाख रु से 10 लाख रु से कम के बैलेंस पर 5.00 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर करेगा। वहीं खाते में 10 लाख रु से लेकर 25 लाख रुपये तक के बैलेंस पर डीसीबी बैंक अब से 6.25 प्रतिशत ब्याज दर की पेशकश करेगा।
25 लाख रु से अधिक पर ब्याज दर
25 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच बैलेंस वाले बचत खातों पर अब 6.50 प्रतिशत ब्याज दर मिलेगी। बचत खाते में 50 लाख रु से 2 करोड़ रु से कम तक के बैलेंस पर उच्चतम ब्याज दर 6.75 प्रतिशत दी जाएगी। बैंक अब 2 करोड़ रुपये से 50 करोड़ रुपये से कम के बैलेंस पर 5.50 प्रतिशत की ब्याज दर और खाते में 50 करोड़ रु और उससे अधिक के बैलेंस पर 5.00 प्रतिशत की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
अगर बैंक दिवालिया हो जाए तो
यदि कोई बैंक दिवालिया हो जाता है, तो जमाकर्ता का एकमात्र बचाव डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीएस) द्वारा प्रदान किया गया 5 लाख रुपये का बीमा कवर होता है। बचत खाते, सावधि जमा (एफडी), चालू खाते, आवर्ती जमा (आरडी) और अन्य जमाओं में मिला कर डीआईसीजीएस 5 लाख रु तक की राशि कवर करता है। किसी बैंक में प्रत्येक जमाकर्ता की मूलधन और ब्याज राशि दोनों के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि कवर की जाती है।
जानिए टैक्स का नियम
ऐसे बचत खाते पर ब्याज दरों की गणना मौजूदा वृद्धिशील (इंक्रीमेंटल) बैलेंस पर की जाएगी। आयकर अधिनियम की धारा 80 टीटीए के तहत बचत बैंक खाते पर अर्जित ब्याज 10,000 रुपये तक टैक्स फ्री रहता है। यदि बचत खाते में प्राप्त ब्याज 10,000 रुपये से अधिक है, तो बचत खाते पर अतिरिक्त ब्याज पर टैक्स लगाया जाएगा और बचत खाते से प्राप्त होने वाली आय "अन्य स्रोतों से आय" कैटेगरी के तहत टैक्सेबल होगी।
92 साल पुराना बैंक
डीसीबी बैंक लिमिटेड भारत में एक प्राइवेट सेक्टर का शैड्यूल्ड कमर्शियल बैंक है। यह उन नये बैंकों में से एक है जिसे बैंक नियामक, भारतीय रिजर्व बैंक से शैड्यूल्ड बैंक लाइसेंस प्राप्त हुआ है। डीसीबी बैंक ने 31 मई 1995 को लाइसेंस प्राप्त किया। वैसे इसकी स्थापना 1930 में की गयी थी। डीसीबी बैंक के बिजनेस सेगमेंट में रिटेल, माइक्रो-एसएमई, एसएमई, मिड-कॉर्पोरेट, एग्री, कमोडिटीज, सरकारी, पब्लिक सेक्टर, भारतीय बैंक, सहकारी बैंक और गैर बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी) शामिल हैं।


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