केन्द्रीय कैबिनेट ने 28 अक्टूबर को जुलाई 2026 की महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की किस्त को मंजूरी दे दी है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ा हुआ फायदा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, व्यय विभाग (Department of Expenditure) का आधिकारिक विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है। तब तक कर्मचारी अक्टूबर के सैलरी साइकिल में एरियर, पे-स्लिप की जांच और अलाउंस में होने वाले बदलावों पर नजर रखें। नोटिफिकेशन जारी होते ही बैंक और पेंशन बांटने वाली एजेंसियां खाते में पैसा क्रेडिट करने की प्रक्रिया शुरू कर देंगी।
अब सबकी नजरें इस फैसले के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। वित्त मंत्रालय का ऑफिस मेमो जारी होते ही जुलाई से लेकर चालू महीने तक का बकाया (एरियर) जारी कर दिया जाएगा। पेंशनर्स को भी इसी हिसाब से डीआर का फायदा मिलेगा। आमतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) और स्वायत्त निकाय भी केंद्र के आदेश को लागू करते हैं, जबकि राज्य सरकारें इस पर अलग से फैसला लेती हैं। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी अनौपचारिक जानकारी पर यकीन करने के बजाय अपने मौजूदा पे-स्लिप के स्क्रीनशॉट और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें, ताकि नोटिफिकेशन के बाद नए-पुराने आंकड़ों का सही मिलान कर सकें।

DA/DR Hike: एरियर और पे-स्लिप की जांच कैसे करें?
सबसे पहले अपनी बेसिक पे और महंगाई भत्ते वाली लाइन चेक करें, फिर नेट इन-हैंड सैलरी का मिलान करें। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में कटे हुए नए अंशदान की जांच जरूर करें, क्योंकि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का ही एनपीएस योगदान 'बेसिक + डीए' पर ही तय होता है। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) पर मिलने वाले DA की भी जांच करें। ध्यान रखें कि एकमुश्त एरियर का पैसा कभी-कभी सैलरी की तारीख से अलग भी क्रेडिट हो सकता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए बैंक स्टेटमेंट और SMS अलर्ट सुरक्षित रखें।
| महीना | क्या चेक करें | कहां देखें |
|---|---|---|
| जुलाई | एरियर में नया DA/DR जुड़ा या नहीं | पे-स्लिप या पेंशन बैंक स्क्रॉल |
| अगस्त | बेसिक + डीए पर एनपीएस की नई कटौती | पे-स्लिप का डिडक्शन सेक्शन |
| सितंबर | ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर बढ़ा हुआ डीए | अलाउंस ब्रेकअप |
| अक्टूबर पे-रोल | एकमुश्त एरियर क्रेडिट होने की टाइमिंग | बैंक स्टेटमेंट और HRMS |
HRA स्लैब और भत्तों पर इसका असर
बता दें कि जब महंगाई भत्ता 50% के आंकड़े को पार कर गया था, तब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरें पहले ही बढ़कर 30%, 20% और 10% हो चुकी थीं। जब तक नीति में कोई नया बदलाव नहीं होता, इस बार के एचआरए स्लैब में बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। शहरों के वर्गीकरण के नियम ही आपकी पात्रता तय करेंगे। वित्त मंत्रालय का ऑफिस मेमो जारी होने के बाद डीए से जुड़े अन्य भत्तों और एनपीएस में नियमानुसार ही बदलाव देखने को मिलेंगे।
सैलरी के सही मिलान के लिए बेसिक पे, डीए, एनपीएस कटौती और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर बने डीए को अच्छे से क्रॉस-चेक करें। इसके बाद अपने बैंक खाते में आई रकम का HRMS रिकॉर्ड से मिलान करें। वहीं, पेंशनभोगी अपने अगले पेमेंट एडवाइस में महंगाई राहत वाली लाइन की तुलना करें। अगर आंकड़ों में कोई विषमता नजर आती है, तो पे एंड अकाउंट्स ऑफिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी रखें। वित्त मंत्रालय का आधिकारिक आदेश जारी होने तक सटीक दरों और लागू होने की तारीख को लेकर किसी भी तरह के अनुमान से बचें।


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