नई दिल्ली, सितंबर 10। टेरा लूना एक बार फिर से ट्रेंड में आ गयी है। टेरा लूना शुक्रवार के सत्र के दौरान कॉइनमार्केटकैप पर 58वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बन गई। कल रात तक बीते 24 घंटों में, लूना टोकन में 200 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गयी। इसने बाकी टोकन्स से बेहतर प्रदर्शन किया। टेरा क्लासिक (लंक) नेटवर्क के 1.2 फीसदी टैक्स बर्न के प्रस्ताव पर टेरा कम्युनिटी के निवेशकों ने लूना की जोरदार खरीदारी की। प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों ने टेरा की टैक्स बर्न योजना का सपोर्ट किया।
206 फीसदी की उछाल
कल रात करीब 10 बजे तक कॉइनमार्केटकैप पर लूना में 206.07% की वृद्धि आई थी। इसका रेट 5.96 डॉलर पर पहुंच गया था। इस समय (5.30 बजे) भी इसमें 44.20 फीसदी की तेजी दिख रही है। इस समय यह 6.60 डॉलर के रेट पर है। अब यह 55वीं सबसे बड़ी क्रिप्टो बन गयी है। इसकी मार्केट कैपिटल 847,541,808 डॉलर हो गयी है।
कितनी है सप्लाई
इसकी टोटल सप्लाई 1,004,262,701 कॉइन है। जबकि सर्कुलेटिंग में 127,475,474.31 कॉइन हैं। बीते 24 घंटों में इसका सर्वाधिक स्तर 7.06 डॉलर है। टेरा एक सार्वजनिक ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल है जो टेरा क्लासिक से उभरी है। टेरा क्लासिक एल्गोरिथम स्टेबलकऑइन टेराक्लासिकयूएसडी (यूएसटी) का बेस है।
क्रिप्टो मार्केट में उछाल
कुल मिलाकर, टेरा टोकन ने बिटकॉइन और एथेरियम जैसे प्रमुख क्रिप्टो लीडर्स को भी पीछे छोड़ दिया, जिनमें क्रमशः 9% और लगभग 5% तक उछाल आई। क्रिप्टोकरेंसीज के बीच काफी तेजी आई है, जिसने वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप को 1.04 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया है।
टेरा क्लासिक नेटवर्क
मफिनपे, बिल पेमेंट एंड यूटिलिटी क्रिप्टो के संस्थापक और सीईओ, दिलीप सीनबर्ग के अनुसार लूना क्लासिक पिछले सप्ताह में लगभग दोगुनी हो गयी है। एक "टैक्स बर्न" रिजीम जिसका उद्देश्य टोकन की हाइपरइन्फ्लेटेड सप्लाई को कम करना है, तेजी को बढ़ावा दे सकता है। टेरा क्लासिक नेटवर्क पर लूना क्लासिक और यूएसटीसी के ऑन-चेन लेनदेन के लिए टेरा को 1.2% टैक्स बर्न के लिए मंजूरी मिली।
मई में मचा था बवाल
टेरा ब्लॉकचैन के मूल टोकन लूना ने निवेशकों को बर्बाद कर दिया था। इसने निवेशकों की पूरी संपत्ति के सफाया कर दिया था। तब इस क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू शून्य हो गयी थी। फिर भारतीय एक्सचेंजों ने इसे अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। हैरानी की बात यह है कि उससे कुछ समय पहले ही इसकी वैल्यू 118 डॉलर तक पहुंच गयी थी। भारतीय रुपये में ये वैल्यू 9143 रु से भी थी। मगर कुछ ही समय में टेरा लूना की सारी वैल्यू गिर गयी और ये जीरो पर आ गयी थी। टेरा लूना ने अपने निवेशकों की करीब 40 अरब डॉलर की संपत्ति को डूबा दिया था। तब वज़ीरएक्स की तरफ से कहा गया था कि लूना/यूएसडीटी, लूना/आईएनआर, लूना/डब्लूआरएक्स के पेयर को हटाया जा रहा है। आगे कहा कि यह उपयोगकर्ताओं के लिए अपने लूना फंड विदड्रॉ करने के लिए बायनेस मुफ्त ट्रांसफर को इनेबल (शुरू) करेंगे। यूएसडीटी टीथर है, एक स्थिर मुद्रा है, और डब्ल्यूआरएक्स वज़ीरएक्स का यूटिलिटी टोकन है। जेबपे, कॉइनडीसीएक्स और बायनेंस सहित अन्य क्रिप्टो एक्सचेंजों ने भी डीलिस्टिंग के बाद लूना को अपनी सक्रिय टोकन सूची से हटा दिया था।


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