Credit Score: शादी करने से आपके जीवन में कई बदलाव आ सकते हैं, जिसमें फाइनेंशियल बदलाव भी शामिल है। शादी करने के बाद आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ता है। क्रेडिट स्कोर, जो लोन योग्यता को भी दिखाता है, 300 से 900 तक ये स्कोर हो सकता है, जिसमें हाई स्कोर बेहतर क्रेडिट हेल्थ दिखाता है।
अगर अपने जीवनसाथी का नाम क्रेडिट कार्ड यूजर के तौर पर जुड़ा है और उसका सिबिल खराब है तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी दिखेगा। वहीं, अगर एक साथी का क्रेडिट हिस्ट्री खराब है तो इसका असर दूसरे पर भी दिखेगा। आइए इससे जुड़ी 5 मुख्य बातें आपको बताते हैं।

1.नवविवाहितों के लिए ज्वाइंट बैंक अकाउंट खोलना या साथ में होम लोन लेना आम बात है। जब कपल ज्वाइंट होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक दोनों भागीदारों के क्रेडिट स्कोर का मूल्यांकन करते हैं। किसी भी भागीदार का कम स्कोर उन्हें हाई ब्याज दरों से लेकर लोन नॉट एक्सेप्टेड का कारण बन सकता है।
2.अगर किसी कपल को लगता है कि उनका एक या दोनों क्रेडिट स्कोर कम है, तो कारणों की पहचान करना और उन्हें सुधारने की दिशा में काम करना बहुत जरूरी है। इससे उनके लोन अप्रूवल की संभावना बढ़ सकती है और परिणामस्वरूप उन्हें ज़्यादा कम ब्याज दरें मिल सकती हैं। शादी के बाद दोनों के लिए अपने क्रेडिट स्कोर को मैनेज करने में एक्टिव होना जरूरी है।
3.विवाह न केवल दो जीवन को जोड़ता है बल्कि उनकी वित्तीय पहचान को भी आपस में जोड़ता है, जिसका सीधा असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। कपल को पता होना चाहिए कि ज्वाइंट खाते और लोन उनके व्यक्तिगत क्रेडिट स्कोर को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। इनको समझकर और अपने क्रेडिट स्कोर को बनाए रखने या सुधारने के लिए मिलकर काम करके, मैरिड कपल बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग सुनिश्चित कर सकते हैं।
4. पति-पत्नी में से किसी ने कभी भी क्रेडिट कार्ड या लोन के रिपेमेंट में देरी की होगी या ईएमआई बाउंस हुई तो ज्वाइंट खाता खोलते ही इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर भी दिखेगा। जिससे आपकी क्रेडिट स्कोर हेल्थ खराब हो सकती है।
5. अगर कपल टाइम पर ईएमआई और बिल भरता है तो इसका निश्चित रूप से आपके क्रेडिट पर पॉजिटिव असर होगा।


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