22 सितंबर 2026 तक, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्रमुख UPI ऐप्स पर पात्र (एलिजिबल) यूजर्स के लिए 'Credit Line on UPI' का ऑप्शन दिखने लगा है। इसके जरिए बैंक से पहले से मंजूर (प्री-अप्रूव्ड) क्रेडिट लाइन को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है, जिससे आप बिना जेब से पैसे दिए सीधे क्रेडिट यानी उधारी से स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं। आधिकारिक हेल्प पेज, प्रेस नोट और प्रोडक्ट गाइड में इस फीचर और इसके इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया दी जा चुकी है।
आपको यह सुविधा मिलेगी या नहीं, यह पूरी तरह आपके बैंक पर निर्भर करता है। फिलहाल HDFC Bank PayLater, ICICI Bank EMI on UPI, Axis Bank credit on UPI, यूनियन बैंक की एडवाइजरी, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ पेटीएम पोस्टपेड और यस बैंक (Yes Bank) की आधिकारिक MITC शर्तों के तहत यह सर्विस लाइव है। ऐप में इसे एक्टिवेट करने के लिए 'Payment methods' या 'UPI' सेक्शन में जाकर 'Credit line' चुनें और फिर अपना UPI PIN सेट कर लें।

UPI क्रेडिट लाइन कैसे करें एक्टिवेट, क्या हैं लिमिट और चार्ज?
इसे एक्टिवेट करने की पूरी प्रक्रिया ऐप के जरिए ही होती है। Google Pay पर 'Payment methods' के तहत प्री-संक्शन क्रेडिट लाइन जोड़ें, वहीं PhonePe पर UPI सेक्शन में 'Add Credit Line' का विकल्प चुनकर PIN सेट करें। बैंक इसके लिए आधार OTP वेरिफिकेशन की सुविधा भी दे सकते हैं। क्रेडिट लिमिट और बिलिंग की शर्तें बैंक ही तय करते हैं। उदाहरण के लिए, Yes Bank क्रेडिट लाइन को रोवर (री-रिवॉल्व) करने पर 3% प्रति माह और EMI में बदलने पर 2.5% प्रति माह का ब्याज लेता है। अगर आप ₹5,000 की रकम एक महीने के लिए रोवर करते हैं, तो लगभग ₹150 का ब्याज बनेगा।
| फीचर | Credit Line on UPI | RuPay credit card on UPI |
|---|---|---|
| अकाउंट का प्रकार | बैंक ओवरड्राफ्ट / लोन | क्रेडिट कार्ड अकाउंट |
| बिलिंग | मंथली क्रेडिट लाइन स्टेटमेंट | कार्ड बिलिंग साइकिल |
| ब्याज | बैंक द्वारा तय रिवॉल्व/EMI दरें | क्रेडिट कार्ड APR / EMI के नियम |
| स्वीकार्यता (Acceptance) | केवल P2M (दुकानदार/मर्चेंट); MCC लिमिट लागू | दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग |
| मर्चेंट पर MDR | UPI गाइडलाइंस के अनुसार | RuPay के नियमों के अनुसार |
| समस्या निपटारा (Disputes) | UPI ODR / चार्जबैक व्यवस्था | क्रेडिट कार्ड चार्जबैक प्रोसेस |
UPI क्रेडिट लाइन के खर्च, MDR और जरूरी सेफ्टी टिप्स
15 अक्टूबर से, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300) लागू होगा; हालांकि इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। खरीदारी कैंसिल करने पर रिफंड सीधे आपकी क्रेडिट लाइन में आ जाएगा, जिसकी प्रक्रिया NPCI के नियमों के मुताबिक होगी। धोखाधड़ी से बचने के लिए स्पेंड कैप लागू करें, अलर्ट ऑन रखें और ऑटो-पे (Autopay) सेट करें। समय पर पेमेंट न करने पर सिबिल रिपोर्ट खराब हो सकती है। अगर आप इस सुविधा को बंद करना चाहते हैं, तो बैंक ऐप या कस्टमर केयर हेल्पलाइन के जरिए रिक्वेस्ट भेज सकते हैं।
लंबे समय के लिए बचत करने वालों को क्रेडिट के ब्याज और गारंटीड रिटर्न वाले डिपॉजिट की तुलना जरूर करनी चाहिए। इंडिया पोस्ट की 5 साल की टाइम डिपॉजिट (Time Deposit) योजना पर फिलहाल 7.5% का ब्याज मिल रहा है, जिसकी गणना हर तिमाही कम्पाउंडिंग के आधार पर होती है। अगर आप 7.5% ब्याज दर पर ₹10,000 का निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी की रकम नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं। सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए निवेश से पहले नई दरों की जांच जरूर करें।
| अवधि | 7.5% ब्याज पर ₹10,000 का रिटर्न (मैच्योरिटी) |
|---|---|
| 5 साल | ₹14,499 |
| 10 साल | ₹21,023 |
| 15 साल | ₹30,483 |
काम की बात: इस सुविधा का इस्तेमाल केवल तभी करें जब आपको तुरंत पैसों की सख्त जरूरत हो और आप समय पर बिल चुकाने में सक्षम हों। सर्विस लेने से पहले अपने बैंक की ताजा शर्तों (MITC) को समझ लें, पहली बिलिंग तारीख से पहले ऑटो-पे सेट करें और मैसेज अलर्ट्स पर नजर रखें। किसी भी गलत ट्रांजेक्शन या रिफंड का स्टेटस ऐप के अंदर ही ट्रैक करें और काम खत्म होने के बाद क्रेडिट लाइन बंद कर दें ताकि आपका क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रहे।


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