कई यूजर्स के लिए कॉलर नेम डिस्प्ले सर्विस का आज दूसरा दिन है। अब एंड्रॉइड और आईफोन के डिफॉल्ट फोन डायलर पर ही कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड केवाईसी (KYC) नाम दिखने लगा है। यह सुविधा फिलहाल 4G और 5G नेटवर्क पर आ रही इनकमिंग कॉल्स पर मिल रही है। एयरटेल (Airtel), जियो (Jio) और वी (Vi) के यूजर्स नॉर्मल कॉल के दौरान इसे देख सकते हैं। हालांकि, 2G, 3G और लैंडलाइन फोन्स के लिए यह सपोर्ट बाद में शुरू होगा।
अगर आप अपने फोन पर कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) का यह इन-बिल्ट फीचर देखना चाहते हैं, तो सेटिंग्स में जाकर थर्ड-पार्टी कॉलर आईडी ऐप्स के ओवरले को बंद कर दें। अपने फोन के डिफॉल्ट डायलर को ही एक्टिव रखें और ऑन-स्क्रीन बैनर को अलाउ करें। आप किसी परिचित के नंबर से कॉल करके इसे टेस्ट कर सकते हैं। डुअल-सिम स्मार्टफोन्स में जिस सिम स्लॉट और नेटवर्क पर कॉल आएगी, उसी के मुताबिक कॉलर का नाम दिखेगा। वहीं, बिजनेस या एंटरप्राइज कॉल्स में कंपनी का रजिस्टर्ड नाम या अकाउंट होल्डर का नाम नजर आ सकता है।

Airtel, Jio और Vi पर CNAP: आज ही करें ये जरूरी चेक्स
अगर आप एयरटेल, जियो या वी के ग्राहक हैं, तो आज ही कुछ जरूरी बातें जांच लें। सबसे पहले अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के ऐप या पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्टर्ड नाम चेक करें। अगर नाम गलत दिख रहा है, तो तुरंत अपने केवाईसी (KYC) डिटेल्स अपडेट कराएं। कॉल कनेक्टिविटी और सर्विस को बेहतर बनाने के लिए फोन में VoLTE और Wi-Fi कॉलिंग ऑन रखें। इसके अलावा, अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग को बंद कर दें, क्योंकि स्कैमर्स अक्सर इसका गलत फायदा उठाते हैं। अपने फोन को हमेशा अपडेटेड रखें। ध्यान दें कि फिलहाल इस सर्विस से बाहर निकलने (Opt-out) का कोई तरीका नहीं है।
| क्या जांचें | कहां देखें | मौजूदा स्टेटस |
|---|---|---|
| इनकमिंग कॉल पर नाम | ऑपरेटर ऐप में दर्ज नाम | 4G/5G पर KYC नाम दिख रहा है |
| सपोर्टेड नेटवर्क | 4G, 5G | 2G/3G/लैंडलाइन पर जल्द आएगा |
| कॉलर आईडी ओवरले | डायलर सेटिंग्स में जाकर बंद करें | फोन का इन-बिल्ट बैनर इस्तेमाल करें |
| डुअल-सिम डिस्प्ले | कॉल रिसीव करने वाले नेटवर्क के आधार पर | एक्टिव सिम स्लॉट के हिसाब से नाम |
| कॉल फॉरवर्डिंग | अनकंडीशनल फॉरवर्डिंग से बचें | स्पूफिंग और फ्रॉड का खतरा कम होता है |
CNAP में KYC नाम, प्राइवेसी और गलत नाम सुधारने का तरीका
इस सर्विस के साथ प्राइवेसी से जुड़ा एक पहलू भी शामिल है। बाय-डिफॉल्ट इसमें सिम कार्ड खरीदार का नाम दिखाई देगा, इसलिए फैमिली प्लान या दूसरों के नाम पर ली गई सिम में मूल मालिक का नाम दिख सकता है। अगर नाम में कोई गड़बड़ी है, तो आप सही दस्तावेजों के साथ अपने ऑपरेटर से संपर्क करके इसे सुधरवा सकते हैं। हालांकि, नेटवर्क सिस्टम में नया नाम अपडेट होने में थोड़ा समय लग सकता है। बिजनेस अकाउंट्स को अपने आधिकारिक हेडर नाम के अनुसार डिस्प्ले नेम सेट करना चाहिए। डुअल-सिम यूजर्स के लिए, जिस नेटवर्क पर कॉल आ रही होगी, उसी हिसाब से स्क्रीन पर नाम शो होगा।
ऑनलाइन फ्रॉड और स्पैम कॉल्स: CNAP की सीमाएं और सुरक्षा के उपाय
CNAP फीचर से कॉलर की पहचान आसान जरूर होगी, लेकिन इसे किसी की प्रामाणिकता या अथॉरिटी का 100% सबूत न मानें। फोन पर कभी भी ओटीपी (OTP), कार्ड डिटेल्स या यूपीआई (UPI) पिन शेयर न करें। स्पैम और प्रमोशनल कॉल्स से बचने के लिए 'डू नॉट डिस्टर्ब' (DND) सर्विस का इस्तेमाल करें और 1909 पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी संदेहास्पद कॉल को काटकर हमेशा आधिकारिक नंबर पर ही दोबारा कॉल करें। अगर कोई जाना-पहचाना नाम दिखाकर भी आपसे अर्जेंट पैसों की मांग करे, तो पूरी तरह सतर्क रहें और बिना जांचे पैसे न भेजें।


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