सिबिल स्कोर क्रेडिट कार्डहोल्डर्स और लोन लेने वालों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. सिबिल स्कोर का रेंज 300 से 900 के बीच होता है. सिबिल स्कोर के जरिए ये पता चलता है की व्यक्ति लोन या क्रेडिट कार्ड पेमेंट के लिए कितना सक्षम है. हमें हमेशा सिबिल स्कोर रिपोर्ट चेक करते रहना चाहिए. सिबिल स्कोर रिपोर्ट में ऐसी कई चीजे होती है, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं. ये काफी महत्वपूर्ण होती है.

अगर आपने कभी लोन लिया है या फिर क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया है, तो सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर के बार में जरूर सुना होगा. सिबिल स्कोर के जरिए बैंक किसी भी व्यक्ति की भुगतान क्षमता के बारे में पता लगाने की कोशिश करती है.
बैंक सिबिल स्कोर के आधार पर भी लोन या फिर क्रेडिट कार्ड देती है. ऐसे लोग जिनका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं है. बैंक उन्हें लोन देने से अकसर कतराती है. एक अच्छा सिबिल स्कोर आमतौर पर 700 या उसे ज्यादा हो सकता है. सिबिल स्कोर जितना अच्छा होगा, उतना ही बेनिफिट मिलता है. अब जानते हैं कि सिबिल स्कोर रिपोर्ट में स्कोर के अलावा और क्या महत्वपूर्ण चीजें मौजूद होती है.
सिबिल स्कोर में रिपोर्ट और क्या महत्वपूर्ण जानकारियां होती है शामिल ?
इक्विफैक्स, एक्सपेरियन, ट्रांसयूनियन सिबिल, और सीआरआईएफ हाईमार्क जैसी क्रेडिट इंफर्मेशन कंपनियां अलग-अलग समय पर सिबिल स्कोर रिपोर्ट जारी करती रहती है. इस सिबिल रिपोर्ट में सिर्फ सिबिल स्कोर ही मौजूद नहीं होता, बल्कि कई महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई होती है.
ये सभी क्रेडिट इंफर्मेशन कंपनियां आपके बैंक या तमाम संस्थानाओं को लोन और क्रेडिट कार्ड रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां प्रदान करती है. सरल शब्दों में कहा जाए तो ये कंपनियां बैंकों को क्रेडिट कार्ड रिकॉर्ड और लोन से जुड़ी तमाम जानकारियां या डेटा प्रदान करती है,
इसके साथ ही ये कंपनियां रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण जानकारियां देती है. सबसे पहले सिबिल रिपोर्ट में व्यक्ति का सिबिल स्कोर दिया जाता है. ये सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच हो सकता है. ये स्कोर 3 अंकों का ही होता है.
इसके अलावा व्यक्ति की निजी जानाकरियां जैसे जन्म तिथि, पैन, मोबाइल नंबर, पता आदि दिया गया होता है.
क्रेडिट स्कोर: 300 और 900 के बीच 3 अंकों का क्रेडिट स्कोर इसमें दर्ज होता है जो व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता को दिखाता है.
वहीं इस रिपोर्ट में आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री होती है, जैसे आपके द्वारा लिए गए अब तक लोन. इस रिपोर्ट में पिछले लोन से लेकर अभी तक के सभी लोन की जानकारी इसमें मौजूद होती है. वहीं क्रेडिट कार्ड का रिकॉर्ड भी इसमें दिया गया होता है.
वहीं अगर बकाया राशि होती है, तो उसे भी इसमें दर्शाया जाता है. इसके अलावा लोन राशि, क्रेडिट कार्ड लिमिट ये सभी भी सिबिल रिपोर्ट में दिया गया होता है.
इसके साथ ही इसमें क्रेडिट इन्क्वायरी के बारे में भी दिया जाता है. अगर आपने किसी संस्थान या बैंक में लोन के लिए अप्लाई किया है. ये बैंक क्रेडिट इंफर्मेशन कंपनी से ये अनुरोध करती है कि वे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट इनसे शेयर करें. इसे इन्कायरी कहा जाता है.
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