नई दिल्ली, फरवरी 10। इंडो काउंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड 4,224.35 करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल के साथ एक स्मॉल-कैप स्टॉक है। ये फर्म कपड़ा उत्पादन में माहिर है और दुनिया की कुछ सबसे प्रसिद्ध रिटेल, होटल और फैशन कंपनियों के लिए एक चुनी हुई पार्टनर है। आज कंपनी का शेयर 205.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले सुबह 205 रु पर खुला और कारोबार के दौरान 215.90 रु तक चढ़ा। अंत में यह 8.45 रु या 4.11 फीसदी की तेजी के साथ 214 रु के भाव पर बंद हुआ। इस शेयर के आगे काफी ऊपर जाने की संभावना है।
80 फीसदी तक रिटर्न की उम्मीद
एडलवाइस ब्रोकिंग लिमिटेड एक ब्रोकरेज है। इसने इंडो काउंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों को 386 रुपये के टार्गेट प्राइस के साथ खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म ने जो शेयर के लिए टार्गेट प्राइस रखा है उसके हिसाब से ये 80 प्रतिशत रिटर्न दे सकता है। बुधवार को इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर इंडो काउंट इंडस्ट्रीज का शेयर आठ महीनों के निचले स्तर (204 रुपये) पर पहुंच गया था।
क्यों आई गिरावट
दिसंबर तिमाही में इंडो काउंट का मुनाफा में साल-दर-साल 23 फीसदी की गिरावट के बाद 71.2 करोड़ रुपये रह गया। 21 करोड़ रुपये के असाधारण खर्चों के कारण इसका मुनाफा घटा। इसी कारण कंपनी का शेयर बुधवार को काफी नीचे पहुंच गया था। वित्त वर्ष 2021-22 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल इनकम सालाना आधार पर 1 प्रतिशत घटकर 787 करोड़ रुपये रही।
क्यों घटा प्रोफिट
इंडो काउंड के अनुसार सप्लाई में चुनौतियों और महामारी की तीसरी लहर के कारण प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में कम मांग के कारण इसकी वॉल्यूम 12 प्रतिशत घटकर 21.1 मिलियन मीटर हो गयी। नवंबर / दिसंबर 2021 के अंत से अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में महामारी की तीसरी लहर के साथ कंपनी को कम मांग का सामना करना पड़ा।
अमेरिका से उम्मीद
दिसंबर तिमाही के कमजोर रहने के बावजूद एडलवाइस ने कहा है कि ये होम टेक्सटाइल निर्यात (विशेष रूप से अमेरिका में) पर सकारात्मक बनी हुई हैं और उम्मीद जताई है कि यह ट्रेंड कम से कम अगले 24 महीनों तक जारी रहेगा। यानी अगले 24 महीने इंडो काउंट के लिए निर्यात के लिहाज से बेहतर हो सकते हैं। इसी आधार पर इसने कंपनी के शेयरों में निवेश की सलाह दी है।
खरीदी नयी कंपनी
दिसंबर 2021 में, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज और उसकी सहायक कंपनी ने भारत में जीएचसीएल के होम टेक्सटाइल बिजनेस और इसकी अमेरिकी सहायक ग्रेस होम फ़ैशन एलएलसी की संपत्ति (इन्वेंट्री और बौद्धिक संपदा) का अधिग्रहण किया। ये डील कुल 576 करोड़ रुपये की रही। जीएचसीएल के होम टेक्सटाइल बिजनेस के अधिग्रहण के साथ, इंडो काउंट वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी होम टेक्सटाइल बेडिंग कंपनी बन जाएगी, जिसकी वार्षिक क्षमता 153 मिलियन मीटर होगी। पांच महाद्वीपों और कई कल्चर्स में इसकी 3,000 से अधिक मजबूत वर्कफोर्स है। एक प्रमुख वैश्विक कंपनी और होम लिनन क्षेत्र में दुनिया के टॉप ब्रांडों के लिए एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता होने के नाते कंपनी अपने इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स चेन में उच्च क्वालिटी स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए जानी जाती है। इसकी फ्यूचर ग्रोथ के काफी चांस हैं। इसलिए शेयर के ऊपर जाने की भी संभावना है।


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