CBDT का बड़ा फैसला: टैक्स पेनाल्टी से राहत के लिए बदला फॉर्म 161, जानें नया तरीका

सीबीडीटी (CBDT) ने टैक्स पेनाल्टी में छूट पाने के लिए फॉर्म 161 को रिवाइज कर दिया है, जिसकी अधिसूचना 8 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। इसके जरिए नियम 231 में संशोधन करते हुए सेक्शन 440(2) के तहत मिलने वाली छूट का आवेदन फॉर्म बदल दिया गया है। यह फैसला उन सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स और छोटे कारोबारियों के लिए राहत भरा है, जिन पर कम आय दिखाने (under-reporting) की वजह से जुर्माना लगा है। अब वे नए प्रोसेस और आसान फॉर्म के जरिए पेनाल्टी में राहत मांग सकते हैं। यह बदलाव गजट में पब्लिश होने के साथ ही लागू हो चुका है।

पेनाल्टी से छूट पाने के लिए टैक्सपेयर्स को 4 शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली- डिमांड नोटिस में तय समयसीमा के भीतर एसेस किया गया टैक्स और ब्याज जमा करें। दूसरी- अंडर-रिपोर्टेड इनकम पर बनने वाले टैक्स के बराबर यानी 100% अतिरिक्त इनकम-टैक्स दें (मिस-रिपोर्टिंग की खास कैटेगरी में यह 120% होगा)। तीसरी- इनकम टैक्स के इस ऑर्डर के खिलाफ कोई अपील दाखिल न करें। चौथी शर्त यह है कि ऑर्डर मिलने वाले महीने की आखिरी तारीख से 1 महीने के भीतर फॉर्म 161 भरें, जिसके बाद एसेसिंग ऑफिसर (AO) को 3 महीने में इस पर फैसला देना होगा।

CBDT Form 161 Revised: How to Apply for Tax Penalty Waiver Online in 2026 - Step-by-Step Guide

CBDT Form 161 Penalty Waiver: पोर्टल पर आवेदन का तरीका, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और अपील की शर्त

इन्कम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल से अप्लाई करने के लिए सबसे पहले e-Proceedings सेक्शन में जाकर Penalty Waiver (Form 161) सिलेक्ट करें। पोर्टल पर प्री-फिल्ड पैन (PAN) और अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स री-चेक करें। इसके बाद ऑर्डर सेक्शन, डीआईएन (DIN), ऑर्डर जारी होने व सर्विस मिलने की तारीख और डिमांड ड्यू डेट दर्ज करें। टैक्स चालान के सबूत के तौर पर BSR कोड, पेमेंट की तारीख और सीरियल नंबर भरें। फिर ऑर्डर की PDF कॉपी अपलोड करें। आखिर में वेरिफिकेशन के दौरान यह डिक्लेरेशन (undertaking) देनी होगी कि आपने कोई अपील नहीं की है और तय समय तक ऐसा नहीं करेंगे।

Revised Form 161: क्या-क्या बदला और टैक्सपेयर्स के लिए क्यों जरूरी है?

पुराना फॉर्मसंशोधित फॉर्म (8 अक्टूबर 2026)
ऑर्डर की सिर्फ सामान्य जानकारी होती थी; ट्रैकिंग डिटेल्स बेहद सीमित थे।ट्रैकिंग आसान बनाने के लिए इसमें DIN, ऑर्डर सर्विस की तारीख और डिमांड ड्यू डेट शामिल की गई है।
चालान के लिए सिर्फ एक फील्ड थी, जिसमें मैनुअल जानकारी भरनी पड़ती थी।वेरिफिकेशन के लिए BSR कोड, जमा की तारीख और सीरियल नंबर के साथ कई चालान जोड़ने के विकल्प मौजूद हैं।
पेनाल्टी लगाने से छूट (imposition of penalty) जैसे अस्पष्ट शब्दों का इस्तेमाल था।रूल 231 में संशोधन के बाद अब स्पष्ट रूप से 'पेनाल्टी माफी' (waiver) शब्द जोड़ा गया है।
अपील न करने की घोषणा (undertaking) को लेकर स्थिति साफ नहीं थी।धारा 440(5) के तहत अपील न करने का एक स्टैंडर्ड डिक्लेरेशन फॉर्मैट तैयार किया गया है।

इसे सैलरीड क्लास के एक उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपकी अंडर-रिपोर्टेड इनकम ₹1,00,000 है और आप 20% के टैक्स स्लैब में आते हैं। ऐसे में पेनाल्टी से राहत पाने के लिए आपको ₹20,000 का अतिरिक्त इनकम टैक्स चुकाना होगा। तय अवधि के भीतर असेस किया गया टैक्स, ब्याज और यह राशि जमा करने के बाद फॉर्म 161 दाखिल करें। फॉर्म भरते वक्त कुछ गलतियों से बचें—जैसे गलत DIN डालना, चालान का BSR कोड या तारीख गलत मैच करना, चालान के बजाय बैंक स्टेटमेंट अपलोड कर देना या अपील फाइल करने के बाद पेनाल्टी माफी के लिए अप्लाई करना।

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