नई दिल्ली, जनवरी 18। आपने बिटकॉइन का नाम खूब सुना होगा। मगर क्या आपने बाइटकॉइन का नाम सुना है? अगर नहीं तो आज सुन लीजिए। बाइटकॉइन भी बिटकॉइन की ही तरह एक क्रिप्टोकरेंसी है। मगर अहम बात यह है कि इस पेनी टोकन में बीते एक हफ्ते में 8,57,63,221 फीसदी की तगड़ी उछाल आई। इसका मतलब है कि इस डिजिटल केंसी ने 100 रुपये के निवेश को केवल एक हफ्ते के भीतर 8.57 करोड़ रुपये बना दिया है। बता दें कि कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के अनुसार ये कॉइन कल शाम तक बीते हफ्ते में 8.57 करोड़ फीसदी रिटर्न देने में कामयाब रही।
24 घंटे में हजारों फीसदी रिटर्न
बाइटकॉइन ने कल शाम तक बीते 24 घंटों में 19600 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया था। इसका प्राइस 0.000003271 डॉलर से 0.0006462 डॉलर पर पहुंच गया था। मगर फिर इसमें गिरावट आई। इसका रियल टाइम (आज 3 बजे) प्राइस 0.0003765 डॉलर है। बीते 24 घंटों में यह 39.3 फीसदी गिरी है। इस दौरान टोकन का लोअर स्तर 0.0003302 डॉलर और हाई स्तर 0.0007023 डॉलर रहा है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट कैपिटल
पिछले 24 घंटों में बाइटकॉइन की ट्रेडिंग वॉल्यूम 85642 डॉलर की रही है, जिसमें इसी दौरान 33 फीसदी की गिरावट आई है। इसके कॉइन की टोटल सप्लाई 1 लाख अरब है। इस समय इसकी मार्केट कैपिटल 232,292,237,758 डॉलर है। बाइटकॉइन्स को बायनेंस स्मार्ट चेन प्लेटफॉर्म के आधार पर जारी किया जाएंगे और पूरी तरह से ईआरसी20 स्टैंडर्ड का अनुपालन करेंगे।
संभल कर रहें
हालांकि, क्रिप्टो बाजार एक्सपर्ट इस टोकन में फ़िशिंग गतिविधियों (धोखाधड़ी) की ओर इशारा करते हैं। इसी के कारण कॉइन में अचानक भारी उछाल आया है। कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है। वे इस तरह की क्रिप्टोकरेंसी से दूर रहने का सुझाव देते हैं। एक अन्य जानकार के अनुसार बाइटकॉइन के 90 प्रतिशत से अधिक कॉइन टॉप पांच वॉलेट्स (व्हेल अकाउंट) के पास हैं और ये व्हेल अकाउंट अपनी इच्छा से कीमतों में हेरफेर कर सकते हैं।
क्या होते हैं व्हेल अकाउंट
एक व्हेल अकाउंट ऐसा खाता होता है जिसके पास बड़ी संख्या में क्रिप्टो सिक्के होते हैं और इससे भी बड़ी बात यह होती है कि यह अकाउंट क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव लाने की शक्ति रखता है। क्रिप्टो बाजार की चाल को समझने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रत्येक लेनदेन पर बारीकी से नजर रखी जाती है। इस समय बाइटकॉइन के 90 फीसदी कॉइन केवल 5 खातों में हैं।
जोखिम है बहुत
यह कॉइन काफी जोखिम भरा हो सकता है। दिख रहा जोखिम टोकन के रिटर्न से कहीं अधिक है। ये टोकन लिस्टिंग की भी प्लानिंग कर रहा है। जानकारों के अनुसार इस टोकन के डेवलपर एक गेम चेंजिंग तकनीक का दावा करते हैं लेकिन इसका तर्क अस्पष्ट है। यह कागज पर अच्छा लगता है, लेकिन निराधार लग रहा है। निवेशकों को ऐसे कॉइन के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी है। बता दें कि इस तरह की ढेरों क्रिप्टोकरेंसी हाल ही में सामने आई हैं, जिनमें कुछ घंटों या दिनों में भारी उछाल आया है। मगर बाद में उनकी वैल्यू गिर जाती है। ऐसा कुछ लोग अपने मुनाफे के लिए करते हैं, जो बड़े व्हेल अकाउंट होते हैं।


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