सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बैंकों द्वारा FD की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय निवेशक आज एक बड़े फैसले के मोड़ पर खड़े हैं। 26 मई को होने वाली RBI की लिक्विडिटी कार्रवाई से ठीक पहले कई बड़े बैंकों ने इस हफ्ते अलग-अलग अवधि की FD पर रिटर्न बढ़ा दिया है। ऐसे में सही निवेश का चुनाव पूरी तरह से आपके समय और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है।
अगर आपका लक्ष्य 12 महीने से कम का है, तो ट्रेजरी बिल (T-bills) लिक्विडिटी के लिहाज से बेहतरीन विकल्प हैं। वहीं, लिक्विड फंड्स भी पारंपरिक बचत खाते के मुकाबले बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। फिलहाल बाजार की नजर डॉलर-रुपये के लिक्विडिटी बैलेंस पर टिकी है। इसका सीधा असर बॉन्ड यील्ड पर पड़ता है, जिससे सुरक्षित निवेश पसंद करने वालों के लिए डेट इंस्ट्रूमेंट्स काफी आकर्षक हो गए हैं। बाजार की इस अनिश्चितता के बीच शॉर्ट-टर्म डिपॉजिट्स सबसे सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं।

FD, RD और गोल्ड: कम समय में ज्यादा मुनाफे के लिए कहां लगाएं पैसा?
एक से तीन साल के नजरिए वाले निवेशकों को रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीमों पर गौर करना चाहिए। इसके अलावा, शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड या कम अवधि वाली FD भी अच्छे रिटर्न की संभावना रखती हैं। अगर आप 5 साल से ज्यादा के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो इक्विटी SIP आज भी सबसे बेस्ट ऑप्शन है। सोने में निवेश के लिए गोल्ड ETF एक स्मार्ट तरीका है, क्योंकि इसमें स्टोरेज का कोई झंझट नहीं होता और कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान इन्हें बेचना भी आसान होता है।
| निवेश का प्रकार | संभावित रिटर्न | जोखिम का स्तर |
|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | 7.2% - 7.9% | बहुत कम |
| लिक्विड फंड्स | 6.7% - 7.3% | कम |
| इक्विटी SIP | 12% - 14% | ज्यादा |
| गोल्ड ETF | मार्केट लिंक्ड | मध्यम |
SIP और टैक्स प्लानिंग के जरिए ऐसे बढ़ाएं अपना मुनाफा
निवेश करते समय टैक्स के बाद होने वाली कमाई का हिसाब लगाना बहुत जरूरी है, क्योंकि नए टैक्स नियमों ने वास्तविक मुनाफे का गणित बदल दिया है। 26 मई को RBI के कदम से आने वाले समय में ब्याज दरों की दिशा तय हो सकती है। एक मजबूत पोर्टफोलियो के लिए सुरक्षित डिपॉजिट और इक्विटी का सही तालमेल जरूरी है। ब्याज दरों में गिरावट आने से पहले अभी मिल रहे ऊंचे FD रेट्स का फायदा उठा लेना समझदारी होगी। पोर्टफोलियो में विविधता रखने से ग्लोबल मार्केट में सोने के उतार-चढ़ाव के बावजूद आपकी कमाई पर असर नहीं पड़ेगा।
समझदारी इसी में है कि आप सुरक्षा और सोने की कीमतों में आई गिरावट के बीच सही संतुलन बनाएं। तुरंत पैसे की जरूरत के लिए लिक्विड फंड या शॉर्ट-टर्म डिपॉजिट का रुख करें। बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना लंबी अवधि के लिए अपनी SIP जारी रखें। अगले 48 घंटों तक करेंसी मार्केट पर नजर रखें, क्योंकि यहां से यील्ड में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से निवेश चुनकर आप न केवल भविष्य के लिए ज्यादा फंड जुटा पाएंगे, बल्कि आर्थिक रूप से भी निश्चिंत रहेंगे।


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