ITR Filing 2025: वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही आयकर रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। ये फॉर्म उन लोगों के लिए हैं जिनकी वार्षिक आय ₹50 लाख या उससे कम है।

अगर आप टैक्सपेयर्स की इस श्रेणी में आते हैं, तो यह जरूरी है कि रिटर्न भरने से पहले आयकर अधिनियम, 1961 की कुछ महत्वपूर्ण धाराओं को समझ लें। इससे न केवल टैक्स की सही गणना करने में मदद मिलेगी, बल्कि आप यह भी जान पाएंगे कि आपको टैक्स में कहां-कहां छूट मिल सकती है।
सेक्शन 80C: टैक्स सेविंग का सबसे पसंदीदा रास्ता
अगर आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था को चुना है, तो धारा 80C आपके लिए सबसे फायदेमंद धारा साबित हो सकती है। इसके अंतर्गत आप अधिकतम ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इस धारा के तहत आने वाले प्रमुख निवेश विकल्प निम्न हैं:
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम
टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट
ELSS म्युचुअल फंड
लेकिन ध्यान दें, नई टैक्स व्यवस्था में सेक्शन 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती। इसलिए अगर आप इस कटौती का फायदा लेना चाहते हैं, तो पुरानी टैक्स प्रणाली चुनना होगा।
सेक्शन 80CCD(2): NPS में नियोक्ता के योगदान पर छूट
पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं के तहत, व्यक्ति धारा 80CCD(2) के माध्यम से प्रदान की गई एक विशिष्ट टैक्स-बचत पद्धति से फायदा उठा सकते हैं। यह धारा राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की इजाजत देती है, जो योगदान राशि के 10% तक सीमित है। यह नई कर प्रणाली में सीमित अवसरों के बावजूद कर कटौती के लिए एक व्यवहार्य विकल्प प्रदान करता है।
सेक्शन 24B: होम लोन पर ब्याज की छूट
अगर आपने घर खरीदने के लिए लोन लिया है, तो आप होम लोन पर दिए गए ब्याज की राशि पर टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। सेक्शन 24B के तहत आपको ₹2 लाख तक की कटौती मिल सकती है। यह छूट पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में उपलब्ध है। जिन लोगों ने हाल ही में घर लिया है या लोन चुकता कर रहे हैं, उनके लिए यह धारा काफी फायदेमंद है।
सेक्शन 10(13A): किराए पर रहने वालों के लिए राहत
अगर आप किराए वाले घर में रहते हैं और आपका किराया हाउस रेंट अलाउंस (HRA) शामिल करता है, तो आप सेक्शन 10(13A) के तहत टैक्स में छूट पा सकते हैं। यह छूट तभी मिलती है जब आप किराए पर रहते हैं, आप HRA पा रहे हैं। सालाना ₹1 लाख या उससे ज्यादा का किराया दे रहे हैं। यह धारा खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए लाभदायक होती है।
सेक्शन 80D: स्वास्थ्य बीमा से मिल सकती है बड़ी छूट
आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस बहुत जरूरी है, और इसकी प्रीमियम राशि पर टैक्स छूट भी मिलती है। सेक्शन 80D के तहत 60 साल से कम उम्र वालों को 25,000 रुपए तक छूट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा ₹50,000, माता-पिता और परिवार दोनों का बीमा मिलाकर अधिकतम ₹1 लाख तक की छूट। अगर आप अपने परिवार और माता-पिता दोनों के लिए पॉलिसी लेते हैं, तो यह धारा बहुत लाभदायक हो सकती है।
सही जानकारी से बनाएं टैक्स प्लान आसान
आयकर रिटर्न भरना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि टैक्स की सही योजना बनाने का मौका भी है। अगर आप इन जरूरी टैक्स धाराओं को समझकर ITR फाइल करते हैं, तो आप काफी हद तक टैक्स बचा सकते हैं।
पुरानी और नई टैक्स व्यवस्थाओं के बीच चुनाव करते समय इन छूटों और लाभों की तुलना जरूर करें। ITR फाइल करने की आखिरी तारीख से पहले ही सभी जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखें और सही जानकारी के साथ रिटर्न भरें।


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