भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी 12 अप्रैल से अपनी कर्ज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि होम और ऑटो लोन लेने वाले ज्यादातर ग्राहकों की मासिक ईएमआई (EMI) में कोई बदलाव नहीं होगा। वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बीच यह खबर कई परिवारों के लिए राहत और स्थिरता लेकर आई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने नए साइकिल के लिए अपना एक साल का MCLR 8.70 प्रतिशत पर ही रखा है। बता दें कि ज्यादातर फ्लोटिंग-रेट होम लोन के लिए यही रेट मुख्य बेंचमार्क होता है। जिन ग्राहकों के लोन की एनुअल रीसेट डेट अप्रैल में है, उनके ब्याज खर्च में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। बैंक के इस फैसले से ग्राहकों को अपने वित्तीय खर्चों का सही अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा के MCLR रेट्स पर टिकी है कर्जदारों की नजर
जहां बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी दरों में कोई बदलाव नहीं किया, वहीं एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने अपनी शॉर्ट-टर्म दरों में मामूली कटौती की है। 5 बेसिस पॉइंट्स की यह छोटी कटौती मुख्य रूप से बहुत कम समय के कर्ज पर असर डालेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि ज्यादातर बड़े बैंक अपनी मौजूदा ब्याज दरों को स्थिर रखेंगे। इससे कर्जदारों को इस महीने अपना लोन और बजट मैनेज करने में आसानी होगी।
| बैंक का नाम | 1-साल का MCLR रेट | प्रभावी तिथि |
|---|---|---|
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 8.70% | 12 अप्रैल, 2026 |
| HDFC बैंक | 8.35% | 7 अप्रैल, 2026 |
बैंकों को अपने मुनाफे और केंद्रीय बैंक की पॉलिसी के बीच संतुलन बनाकर चलना पड़ता है। फिलहाल वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊंची और अस्थिर बनी हुई हैं। इन बाहरी कारणों की वजह से कमर्शियल बैंक ब्याज दरों में कोई बड़ी कटौती नहीं कर पा रहे हैं। ग्राहकों को इस हफ्ते एसबीआई (SBI) और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की ओर से आने वाले अपडेट्स पर करीब से नजर रखनी चाहिए।
ज्यादातर बैंक हर महीने के दूसरे हफ्ते में अपने बेंचमार्क रेट्स की समीक्षा करते हैं। इसी समीक्षा से तय होता है कि आपके मौजूदा लोन की किस्त कितनी होगी। अगर आपका बैंक रेट्स को जस का तस रखता है, तो आपकी ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा। इन बदलावों की जानकारी रखने से आप अपने मंथली बजट को ज्यादा सटीक तरीके से प्लान कर सकते हैं।
ब्याज दरों में स्थिरता भारतीय मिडिल क्लास के लिए एक अच्छी खबर है। रेपो रेट में बदलाव न होने से फिलहाल लोन महंगा होने की संभावना कम ही दिख रही है। आपको अपने लोन एग्रीमेंट में 'इंटरेस्ट रीसेट डेट' जरूर चेक करनी चाहिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि दरों में होने वाले किसी भी बदलाव का असर आपके बैंक खाते पर कब से पड़ेगा।


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