अगस्त का महीना खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने कई शानदार ऑफर्स इस हफ्ते बंद करने जा रही हैं। इनमें कैशबैक, नो-कॉस्ट EMI (इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट), प्रोसेसिंग फीस में छूट और RuPay UPI से जुड़े कई डिस्काउंट ऑफर शामिल हैं। ध्यान रखें कि इनमें से ज्यादातर ऑफर्स 31 अगस्त की रात 11:59 बजे खत्म हो जाएंगे।
अगर आप कोई बड़ी खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो इन ऑफर्स का फायदा सबसे पहले उठाएं जहां आपको ज्यादा बचत हो सकती है। पेमेंट करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योग्यता, संबंधित कैटेगरी और नियम-शर्तें जरूर पढ़ लें। भुगतान करने से पहले कूपन बैनर और नियमों का स्क्रीनशॉट ले लें। याद रखें कि कैशबैक का क्रेडिट आपके स्टेटमेंट में एक या दो बिलिंग साइकिल के बाद ही दिखता है। इसके अलावा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ईएमआई का ऑप्शन कई बार समय से पहले बंद हो जाता है। अगर RuPay UPI ऑफर का फायदा उठाना चाहते हैं, तो अपने कार्ड को UPI से तुरंत लिंक कर लें।

31 अगस्त को खत्म हो रहे बैंक और क्रेडिट कार्ड ऑफर्स: तुरंत उठाएं फायदा
स्मार्ट शॉपिंग का तरीका यह है कि आप बैंक कार्ड ऑफर, प्लेटफॉर्म डिस्काउंट और ब्रांड कैशबैक तीनों को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल करें। को-ब्रांडेड कार्ड्स पर अक्सर ज्यादा छूट और जल्दी कैशबैक मिल जाता है। पेमेंट से पहले मर्चेंट कैटेगरी जरूर चेक कर लें, क्योंकि ऑफलाइन ट्रांजेक्शन पर ऑनलाइन वाले फायदे नहीं मिलते। वहीं, RuPay-on-UPI ऑफर का फायदा उठाने के लिए पहले एक छोटा पेमेंट करके देख लें कि डिस्काउंट मिल रहा है या नहीं।
कैशबैक की लिमिट, नियम और बैंक स्टेटमेंट में आने का समय
हर बैंक, दिन और ग्राहक के हिसाब से कैशबैक की अधिकतम सीमा (कैप) अलग-अलग होती है। एक ही बिल को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर (स्प्लिट ट्रांजेक्शन) पेमेंट करने पर आपका कैशबैक रद्द भी हो सकता है। आमतौर पर गिफ्ट कार्ड, प्रीपेड वॉलेट रीचार्ज या कॉरपोरेट इनवॉइस पर ये ऑफर्स लागू नहीं होते। कैशबैक मिलने में आमतौर पर 30 से 90 दिनों का समय लगता है, इसलिए अपने बिलिंग स्टेटमेंट की तारीख का कैलेंडर रिमाइंडर जरूर लगा लें।
नो-कॉस्ट EMI के नियम और प्रोसेसिंग फीस की हकीकत
नो-कॉस्ट ईएमआई का मतलब यह होता है कि ब्रांड आपके ब्याज के बराबर का डिस्काउंट दे देता है। लेकिन इसके बावजूद आपको प्रोसेसिंग फीस, GST और समय से पहले लोन बंद करने (फोरक्लोजर) का चार्ज देना पड़ सकता है। अगर आप ऑर्डर कैंसिल करते हैं, तो मिला हुआ डिस्काउंट वापस लिया जा सकता है या ब्याज भी लग सकता है। खरीदारी करने से पहले असली खर्च समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें। इसमें टैक्स और ब्रांड सब्सिडी शामिल नहीं है।
| खरीद राशि | अवधि (महीने) | वार्षिक ब्याज | मासिक EMI | कुल ब्याज | प्रोसेसिंग फीस (2%) | कुल अतिरिक्त खर्च |
|---|---|---|---|---|---|---|
| ₹50,000 | 6 | 12% | ₹8,624 | ₹1,744 | ₹1,000 | ₹2,744 |
| ₹50,000 | 9 | 12% | ₹5,880 | ₹2,920 | ₹1,000 | ₹3,920 |
| ₹50,000 | 12 | 12% | ₹4,441 | ₹3,292 | ₹1,000 | ₹4,292 |
प्रोसेसिंग फीस में छूट और हिडन चार्ज का सच
इस हफ्ते कई बैंक पर्सनल लोन, ऑटो लोन और होम लोन पर प्रोसेसिंग फीस पूरी तरह माफ कर रहे हैं। हालांकि, अप्लाई करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर, सैलरी स्लिप और कंपनी की कैटेगरी जरूर जांच लें। बैंक से लोन संंक्शन लेटर (Sanction Letter) में इस छूट की लिखित कॉपी जरूर मांगें। ध्यान रखें कि लीगल फीस, वैल्युएशन, इंश्योरेंस और लॉगिन चार्ज जैसे हिडन खर्च आपकी बचत को खत्म कर सकते हैं। इसके अलावा प्री-पेमेंट और पार्ट-पेमेंट के नियमों को भी पहले ही समझ लें ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।
31 अगस्त रात 11:59 बजे से पहले जरूर निपटाएं ये काम
पेमेंट करने से पहले बैंक के पेज पर ऑफर एक्टिवेट करें और चेकआउट के दौरान सही कूपन कोड जरूर लगाएं। अपने पेमेंट प्रूफ, ऑर्डर इनवॉइस और ऑफर के स्क्रीनशॉट को एक फोल्डर में सुरक्षित रख लें। पेमेंट के दो दिनों के भीतर अपने बैंक स्टेटमेंट में मर्चेंट कैटेगरी चेक करें। अगर कैशबैक ट्रैक न हो, तो तुरंत कस्टमर सपोर्ट पर शिकायत दर्ज कराएं। 1 सितंबर का रिमाइंडर सेट कर लें ताकि आप यह चेक कर सकें कि कैशबैक का दावा सही से दर्ज हुआ है या नहीं।
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