Annapurna Yojana: West Bengal में महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता देने वाली अन्नपूर्णा योजना को लेकर कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। सरकार की ओर से सितंबर की किस्त के तौर पर 1.58 करोड़ लाभार्थियों को ₹3,000 ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद कई महिलाओं का कहना है कि उनके बैंक खातों में अब तक पैसा नहीं पहुंचा है। 22 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में महिलाओं ने सड़कें जाम कीं और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस यानी BDO कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। हावड़ा, बर्दवान, जलपाईगुड़ी, मालदा, पश्चिम मेदिनीपुर, नदिया, हुगली, पश्चिम बर्दवान और उत्तर 24 परगना समेत कई जिलों से विरोध की खबरें सामने आई हैं।

Annapurna Yojana: सड़क पर उतरीं महिलाएं
हावड़ा के उदयनारायणपुर में 100 से ज्यादा महिलाओं ने सड़क पर पेड़ के तने रखकर रास्ता रोक दिया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि उन्होंने योजना के लिए आवेदन किया था और कई बार पंचायत तथा प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क भी किया, लेकिन उनके आवेदन लंबित हैं या उन्हें भुगतान नहीं मिला है। बर्दवान के खंडघोष में भी महिलाओं ने BDO कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जलपाईगुड़ी में कुछ प्रदर्शनकारी BDO कार्यालय के अंदर पहुंच गईं। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई। अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायतों की जांच करने का आश्वासन दिया। मालदा के हरिश्चंद्रपुर में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने BDO कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, खड़गपुर में महिलाओं ने राज्य राजमार्ग को कुछ समय के लिए जाम किया। आसनसोल में भी महिलाओं ने प्रशासनिक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए लंबित भुगतान जारी करने की मांग की।
1.58 करोड़ महिलाओं को भुगतान का दावा
पश्चिम बंगाल सरकार ने 17 सितंबर को बताया था कि सितंबर महीने की ₹3,000 की किस्त 1.58 करोड़ अन्नपूर्णा लाभार्थियों को भेजी गई है। यह संख्या अगस्त की तुलना में करीब 10 लाख ज्यादा बताई गई थी। सरकार के अनुसार ज्यादातर भुगतान पूरा हो चुका था।
हालांकि, कई महिलाओं का कहना है कि सरकारी घोषणा के बावजूद उनके खातों में रकम नहीं पहुंची। कुछ लाभार्थियों ने बताया कि उनके आवेदन कई महीनों से लंबित हैं, जबकि कुछ मामलों में आवेदन मंजूर होने के बाद भी भुगतान नहीं मिला।
भुगतान में देरी की वजह क्या है?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार भुगतान में देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें आवेदन की जांच, आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी, Aadhaar-bank linkage की समस्या और आवेदन में गलत जानकारी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद योग्य लाभार्थियों को भुगतान किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच की गई है और कुछ आवेदन पात्रता पूरी नहीं करने के कारण खारिज भी किए गए हैं। पहले उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 27.8 लाख आवेदन जांच के बाद खारिज किए गए थे, जबकि योजना से जुड़ी लगभग 4.5 लाख शिकायतें भी सामने आई थीं।
क्या है अन्नपूर्णा योजना?
अन्नपूर्णा योजना को पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में अधिसूचित किया और जून से लागू किया। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना के नियमों के अनुसार 25 से 60 वर्ष की उम्र की पात्र महिला लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सकता है। कुछ सरकारी कर्मचारी, पेंशन पाने वाले और आयकरदाता इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
यह योजना पहले चल रही लक्ष्मी भंडार व्यवस्था की जगह लाई गई है और पात्र लाभार्थियों को नई व्यवस्था में माइग्रेट किया जा रहा है।
फिलहाल अलग-अलग जिलों में महिलाओं के प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन शिकायतों और लंबित आवेदनों की जांच का भरोसा दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जिन महिलाओं को सितंबर की ₹3,000 की किस्त नहीं मिली है, उनके भुगतान की प्रक्रिया कब पूरी होती है।


Click it and Unblock the Notifications
