Buy Gold Jewellery with Cash: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता हैं और अगर आप भी सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो यह निवेश आपके लिए बहुत बेहतरीन साबित हो सकता है। सोने में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलता है।
बहुत लोग सोना खरीदते समय यह सोचते हैं कि कैश में बिना पैन और आधार के अधिकतम कितना सोना खरीद सकते हैं। अगर आपके मन में भी सोना खरीदने से पहले यह विचार आ रहा है तो चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं।

कैश में इतना सोना खरीद सकते हैं आप
आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत एक दिन में किसी व्यक्ति से कुल मिलाकर 2 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगाती है।
यदि आप एक ही दिन में 2 लाख रुपये से अधिक कैश में सोने के आभूषण खरीदते हैं, तो आप आयकर कानून का उल्लंघन करेंगे।
इस तरह के लेनदेन में नकदी प्राप्त करने वाला भी आयकर अधिनियम की धारा 271डी के अनुसार नकदी में लेनदेन की गई राशि का जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होगा। 2 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण खरीदने के लिए पैन और आधार जरूरी है।
इतना सोना कैश में बिना आधार या पैन के खरीद सकते हैं आप
अगर आप दो लाख से अधिक का सोना खरीदने पर आपको पैन और आधार की आवश्यकता होती है। लेकिन अगर आप दो लाख रुपये से कम का सोना बिना पैन और आधार के खरीद सकते हैं।
वहीं, अगर कोई ज्वैलर अगर दो लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कैश में स्वीकार करता है तो स्वीकार की गई राशि के मुताबिक ज्वैलर्स पर जुर्माना लगाया जाता है।
मान लीजिए कि अगर कोई व्यक्ति 4 लाख रुपये के सोने के आभूषण कैश में खरीदता है तो लेनदेन की राशि धारा 269ST के अनुसार 2 लाख रुपये से अधिक सोना कैश में खरीदने पर धारा 271D के तहत जुर्माना लागू होगा। जुर्माने की राशि नकद लेनदेन की राशि के बराबर होगी।
बताए गए उदाहरण के अनुसार यह मानते हुए कि 4 लाख रुपये का नकद लेनदेन हुआ है, ज्वैलर्स को 4 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, लॉ फर्म खेतान एंड कंपनी की पार्टनर स्तुति गलिया के मुताबिक साल 1962 के आयकर नियमों के नियम 114बी के तहत 2 लाख रुपये और उससे अधिक मूल्य के लेनदेन के लिए सोने की खरीद के लिए पैन प्रूफ देना अनिवार्य है।
यदि आप सोने की खरीदारी करते हैं और प्रति लेनदेन 2 लाख रुपये से अधिक के भुगतान के तरीके जैसे कैश या इलेक्ट्रॉनिक होने के बावजूद आपको ज्वैलर्स को पैन विवरण प्रदान करना अनिवार्य है।
वहीं, लॉ फर्म करंजावाला एंड कंपनी की पार्टनर मेघना मिश्रा के अनुसार, पीएमएलए नियम किसी व्यक्ति को उच्च मूल्य के नकद लेनदेन करने की अनुमति देते हैं, बशर्ते वे केवाईसी अनुपालन से गुजर रहे हों। 2 लाख रुपये और उससे अधिक के सोने के आभूषण खरीदने वाले व्यक्ति को यह प्रदान करना आवश्यक है फिर या तो वह पैन कार्ड हो या आधार हो।
हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 269ST किसी व्यक्ति को 2 लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करने से रोकती है, इसलिए लेनदेन के लिए केवाईसी अनुपालन करना जरूरी है।


Click it and Unblock the Notifications