एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त जमा करने की आखिरी तारीख कल यानी मंगलवार, 15 सितंबर है। अगर TDS कटने के बाद आपकी टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा बनती है, तो आपको यह टैक्स चुकाना होगा। हालांकि, बिजनेस इनकम न रखने वाले सीनियर सिटीजन्स को एडवांस टैक्स से छूट हासिल है। इस तारीख तक आपको वित्त वर्ष (FY) 2026-27 के अपने अनुमानित टैक्स का कम से कम 45% हिस्सा जमा कर देना चाहिए। पेमेंट करते वक्त असेसमेंट ईयर (AY) 2027-28 चुनना न भूलें, ताकि धारा 234B और 234C के तहत लगने वाले ब्याज से बचा जा सके।
अगर आपकी रेगुलर इनकम है, तो टैक्स चुकाने के लिए 15-45-75-100 वाले शेड्यूल का पालन करें। अगर आपको कैपिटल गेन या डिविडेंड के रूप में अचानक कोई बड़ी कमाई हुई है, तो उस पर अगली किश्तों में भी टैक्स चुकाया जा सकता है और इस पर 234C के तहत पेनल्टी भी नहीं लगेगी। अपनी बाकी कमाई का हिसाब लगाकर कल तक 45% टैक्स का टारगेट पूरा कर लें। धारा 44AD या 44ADA के तहत प्रिजम्पटिव टैक्स चुनने वाले टैक्सपेयर्स 15 मार्च तक एक साथ पूरा एडवांस टैक्स भर सकते हैं। टैक्स के इस पूरे अनुमान और कमाई की तारीखों का रिकॉर्ड अपने पास संभालकर रखें।

Advance Tax की दूसरी किश्त: आसान सैलरी एग्जांपल से समझें हिसाब-किताब
इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए न्यू टैक्स रिजीम के तहत आपकी सालाना सैलरी ₹18 लाख है और आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलता है। इसके अलावा बैंक ब्याज से ₹1 लाख की एक्स्ट्रा कमाई होती है, जिस पर कोई TDS नहीं कटा है। सबसे पहले पूरे साल का कुल टैक्स निकालें, फिर उसमें से कंपनी द्वारा काटे जाने वाले TDS और अन्य छूट को घटा दें। अब 15 सितंबर तक इस बचे हुए टैक्स का 45% भरने का टारगेट रखें। अगर आपकी कंपनी बैंक ब्याज को ध्यान में रखकर TDS नहीं काट रही है, तो पेरोल टीम से हर महीने TDS बढ़ाने को कहें या ब्याज से बचने के लिए खुद ही एडवांस टैक्स जमा कर दें।
| फीचर | ओल्ड टैक्स रिजीम | न्यू टैक्स रिजीम |
|---|---|---|
| सैलरी पर स्टैंडर्ड डिडक्शन | हाँ | हाँ |
| आम छूट (80C, 80D, HRA) | काफी हद तक मिलती है | ज्यादातर बंद है |
| ₹18 लाख सैलरी पर किसे ज्यादा फायदा? | ज्यादा डिडक्शन का दावा करने वालों को | कम डिडक्शन का दावा करने वालों को |
Section 234B और 234C के तहत ब्याज: कैसे लगता है जुर्माना?
सेक्शन 234C के तहत हर किश्त में टैक्स कम जमा होने पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज लगता है। अगर आप 15 सितंबर तक 45% टैक्स चुकाने से चूक जाते हैं, तो 15 दिसंबर या पेमेंट की तारीख (जो भी पहले हो) तक ब्याज देना होगा। वहीं अगर आप 31 मार्च तक कुल टैक्स का 90% हिस्सा भी जमा नहीं कर पाते, तो 1 अप्रैल से सेक्शन 234B लागू हो जाता है। इसमें पेमेंट या असेसमेंट होने तक 1% महीना ब्याज लगता रहता है। उदाहरण के तौर पर, अगर तीन महीने के लिए ₹20,000 का टैक्स कम पड़ता है, तो 234C के तहत ₹600 का ब्याज बन जाएगा। इसलिए समय पर थोड़ा-थोड़ा टैक्स भरकर आप भारी पेनल्टी से बच सकते हैं।
AY 2027‑28 के लिए e‑Pay Tax की ऑनलाइन प्रक्रिया (Challan 280)
इनकम टैक्स पोर्टल पर जाएं और e‑Pay Tax ऑप्शन चुनें। इसके बाद 'Income Tax other than companies' सिलेक्ट करें। असेसमेंट ईयर (AY) 2027‑28 का चुनाव करें। फिर Advance Tax (Minor Head 100) चुनें और पेमेंट का माध्यम (जैसे UPI या नेट बैंकिंग) सिलेक्ट करें। अपनी डिटेल्स और टैक्स अमाउंट को क्रॉस-चेक करें। पेमेंट पूरा करने के बाद चालान आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN) जरूर नोट कर लें। पेमेंट हिस्ट्री से रसीद डाउनलोड करके अपने पास रख लें। चालान 280 से टैक्स जमा करने का यह सबसे आसान तरीका है।
आज ही सिर्फ 10 मिनट निकालकर अपनी कमाई का हिसाब लगाएं और भुगतान की जांच करें। 15 सितंबर तक 45% का आंकड़ा हासिल करें, AY 2027‑28 सिलेक्ट करें और CIN नंबर सुरक्षित रखें। बिना बिजनेस इनकम वाले सीनियर सिटीजन्स को एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं है। वहीं प्रिजम्पटिव टैक्सपेयर्स 15 मार्च तक का इंतजार कर सकते हैं। अभी जमा किया गया छोटा सा एडवांस टैक्स आपको बाद में 234B या 234C के भारी-भरकम ब्याज से बचा सकता है।


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