एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त: 15 सितंबर की डेडलाइन, कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती?

एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2026 है। अगर आपने अभी तक ध्यान नहीं दिया है, तो आयकर विभाग के रिमाइंडर्स आपके इनबॉक्स में आने शुरू हो गए हैं। नियम के मुताबिक, अगर टीडीएस (TDS) कटने के बाद आपकी कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे ज्यादा बनती है, तो आपको कदम उठाना होगा। इस तारीख तक अपने कुल टैक्स का कम से कम 45 फीसदी हिस्सा जरूर चुका दें। सैलरीड क्लास के वे लोग जिनकी अतिरिक्त आय भी होती है, वे तुरंत अपनी टैक्स देनदारी चेक करें। हालांकि, कारोबार से आय न पाने वाले निवासी वरिष्ठ नागरिकों को इससे छूट दी गई है।

अपनी टैक्स देनदारी का हिसाब तुरंत लगा लें। सबसे पहले अपने चुने हुए टैक्स रिजीम के हिसाब से पूरे साल का कुल टैक्स आंकें। इसमें से मिलने वाला संभावित TDS और जून में भरी गई पहली किश्त घटाएं। अब बची हुई रकम को 45% के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए भुगतान करें। इसे एक उदाहरण से समझें: अगर आपका कुल टैक्स ₹1,20,000 बनता है, तो 45% के हिसाब से यह ₹54,000 होगा। इसमें से ₹30,000 का TDS और जून में चुकाए गए ₹10,000 घटा दें, तो आपको अभी ₹14,000 जमा करने होंगे। वहीं, धारा 44AD या 44ADA के तहत अनुमानित आय (Presumptive tax) दिखाने वाले करदाता 15 मार्च तक एकमुश्त भुगतान कर सकते हैं।

Advance Tax Payment Deadline 2026: How to Calculate and Pay Second Installment Online

Advance tax: ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम में कैसे करें गणना

आप कौन सा टैक्स रिजीम चुनते हैं, इससे आपके एडवांस टैक्स का आकलन बदल जाता है। ओल्ड टैक्स रिजीम में 80C, 80D और HRA जैसे डिडक्शंस का फायदा मिलता है। वहीं न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स दरें कम हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, लेकिन टैक्स छूट के विकल्प सीमित हैं। अपने आंकड़ों का हिसाब लगाने से पहले इस आसान गाइड को देख लें:

पहलूओल्ड रिजीमन्यू रिजीम
डिडक्शन (टैक्स छूट)कई डिडक्शन का लाभ; सबूत तैयार रखें।सीमित डिडक्शन; प्रक्रिया काफी आसान।
स्टैंडर्ड डिडक्शनसैलरी और पेंशन आय पर उपलब्ध।उपलब्ध; पर HRA या 80C की छूट नहीं।
किसके लिए मुफीदज्यादा डिडक्शन, HRA और होम लोन का दावा करने वाले।फिक्स्ड सैलरी और कम डिडक्शन वाले करदाता।
एडवांस टैक्स टिपशुरुआत में ही डिडक्शंस का सही अनुमान लगाएं।एंप्लॉयर TDS का ध्यान रखें और बफर बनाकर चलें।

Advance tax: 234C का ब्याज और 234B के नियम

अगर एडवांस टैक्स चुकाने में चूक होती है, तो धारा 234C के तहत कम जमा रकम पर 1 फीसदी प्रतिमाह की दर से ब्याज लगता है। इसके तिमाही लक्ष्य 15, 45, 75 और 100 फीसदी हैं। जून, सितंबर और दिसंबर की किश्तों में देरी पर 3-3 महीने का ब्याज लगता है, जबकि मार्च की किश्त पर 1 महीने का ब्याज बनता है। हालांकि, कैपिटल गेन्स या डिविडेंड से होने वाली आय में कमी पर 234C से राहत मिल सकती है, बशर्ते इसका भुगतान अगली किश्त में या 31 मार्च तक कर दिया जाए। वहीं, अगर साल के अंत तक कुल टैक्स भुगतान 90 फीसदी से कम रहता है, तो धारा 234B के तहत 1 अप्रैल से 1 फीसदी प्रतिमाह का ब्याज जुड़ने लगता है।

TIN 2.0 पर e-Pay Tax से ऐसे भरें एडवांस टैक्स

इनकम टैक्स के एकीकृत TIN 2.0 पोर्टल पर जाकर e-Pay Tax सेवा का इस्तेमाल करें। यहां Income Tax चुनें, अपना PAN दर्ज करें, असेसमेंट ईयर 2027-28 का चयन करें और Minor Head 100 Advance Tax चुनें। पेमेंट के लिए नेट बैंकिंग, UPI, NEFT या RTGS में से अपना पसंदीदा विकल्प चुनें। भुगतान के बाद रसीद और चालान आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN) संभालकर रखें। इसके बाद अपने Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) की जांच करें। अगर कोई अंतर दिखे, तो चालान सुधार के लिए रिक्वेस्ट डालें। गलत हेड, गलत साल चुनने या दोबारा पेमेंट करने से बचें।

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