
How far can the gold rate go: गोल्ड ऐसी धातु है, जिसे जनता ही सरकारें भी पंसद करती हैं। यही कारण है कि भारत सरकार गोल्ड की बड़ी खरीदार बनीं हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि गोल्ड का रेट इस साल काफी ऊपर तक जा सकता है।
अगर दुनियाभर की सरकारों के पास जमा सोने की बात की जाए तो यह बहुत ही ज्यादा है। दुनिया में खनन किये गए सोने का लगभग पांचवां हिस्सा दुनियाभर की सरकारों के पास रिजर्व के रूप में रखा हुआ है।
अगर देखा जाए तो 2022 के दौरान दुनियाभर की सरकारों ने करीब 1136 टन गोल्ड खरीदा है। यह 1967 के बाद गोल्ड की हुई सबसे ज्यादा खरीदारी है। भारत, तुर्की, उज्बेकिस्तान और कई अन्य देश सोने के सबसे बड़े खरीदार रहे।
डालर की दिक्कत के कई देश अब सोने के बदले कारोबार करने की तरफ बढ़ रहे हैं। घाना ने कच्चे तेल के लिए सोना देने की बात दुबई के तेल रिफाइनर से की है। ऐसा ही आगे भी हो सकता है।
यही कारण है कि दुनियाभर की सरकारें अपने रिजर्व में डॉलर की जगह सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने की तरफ बढ़ रहे हैं। भारत का रिजर्व बैंक भी विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड को रिजर्व के रूप में बढ़ा रहा है। पिछले 5 वर्षों में आरबीआई ने अपनी डॉलर होल्डिंग कम करके गोल्ड की हिस्सेदारी को 5.06 फीसदी से बढ़ाकर 7.86 फीसदी कर दिया है।
आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास वैश्चिक गोल्ड रिजर्व का 8 फीसदी सोना है। मात्रा के हिसाब से देखें, यह 787.40 टन होता है। आरबीआई की तरफ से 2023 में भी सोना लगातार खरीदा जा रहा है।
ऐसे में गोल्ड का रेट बढ़ सकता है। अगर भारत में देखा जाए तो 2023 में सोने का भाव 66,000 रुपये से लेकर 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।



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