भारत में आधार कार्ड आज एक जरूरी दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खोलना हो, सब्सिडी लेनी हो, मोबाइल सिम खरीदना हो या किसी सरकारी योजना का लाभ लेना हो हर जगह आधार की जरूरत पड़ती है। लेकिन लंबे समय से लोगों की एक ही शिकायत थी कि आधार में नाम, पता या जन्मतिथि गलत होने पर उसे ठीक कराना मुश्किल हो जाता है। इसी परेशानी को समझते हुए UIDAI ने आधार अपडेट के नियमों को आसान और साफ बना दिया है।

UIDAI का मकसद क्या है
UIDAI का साफ कहना है कि कोई भी नागरिक सिर्फ कागजों की कमी की वजह से आधार सेवाओं से दूर न रहे। नए नियमों में मान्य दस्तावेजों की लिस्ट बढ़ा दी गई है और प्रक्रिया को ज्यादा लचीला बनाया गया है, ताकि आम लोगों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें।
नाम सुधारना अब पहले से आसान
अगर आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है या शादी के बाद नाम बदला गया है, तो अब कई दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। पासपोर्ट, PAN कार्ड, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस और सरकारी पहचान पत्र मान्य हैं। शादी के बाद नाम बदलने के लिए विवाह प्रमाण पत्र भी स्वीकार किया जाता है। इससे खासकर महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
पता बदलने में मिले ज्यादा विकल्प
जो लोग किराए के मकान में रहते हैं या बार-बार घर बदलते हैं, उनके लिए पता अपडेट करना पहले काफी मुश्किल था। अब बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट, बिजली-पानी-गैस का हाल का बिल, राशन कार्ड और नया वोटर ID भी पते के सबूत के तौर पर मान्य हैं। किराएदार रेंट एग्रीमेंट के जरिए भी पता अपडेट करा सकते हैं।
जन्मतिथि में सुधार के नियम
अगर आधार में जन्मतिथि गलत दर्ज हो गई है, तो बर्थ सर्टिफिकेट सबसे बेहतर दस्तावेज माना जाता है। इसके अलावा 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या फिजिकल PAN कार्ड से भी जन्मतिथि ठीक कराई जा सकती है।
एक दस्तावेज, कई काम
UIDAI ने एक अहम बदलाव यह किया है कि अगर किसी एक दस्तावेज में नाम, फोटो और पता तीनों मौजूद हैं, तो वही पहचान और पते के लिए काफी होगा। इससे अलग-अलग कागज जमा करने की जरूरत नहीं रहेगी और समय भी बचेगा।
कितनी बार कर सकते हैं बदलाव
नए नियमों में यह भी साफ किया गया है कि नाम जीवन में अधिकतम दो बार बदला जा सकता है। वहीं, जन्मतिथि और जेंडर में बदलाव सिर्फ एक बार ही संभव होगा। इसलिए आवेदन करते समय पूरी सावधानी जरूरी है।
फर्जी दस्तावेज पर सख्ती
UIDAI ने चेतावनी दी है कि सभी दस्तावेज सही और असली होने चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जी कागज मिलने पर आवेदन कैंसल किया जा सकता है और कार्रवाई भी हो सकती है।
इन नए बदलावों से आधार अपडेट की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और भरोसेमंद हो गई है। अब कम कागजों में कम समय में और बिना ज्यादा परेशानी के आधार में सुधार कराया जा सकता है, जिससे करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।


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