8th pay commission: नेशनल काउंसिल-JCM स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को 51 पन्नों का एक मेमोरेंडम सौंपा है, जिसमें 3.833 के फिटमेंट फैक्टर के साथ 69,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया गया है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में 18,000 रुपय की वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव था। इन सिफारिशों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई और भू-राजनीतिक दबावों के बीच 50 लाख से ज्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन को बेहतर बनाना है।

क्या-क्या है मांग?
इसके अलावा, इस मेमोरेंडम में वार्षिक वेतन बढ़ोतरी दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने के महत्व पर चर्चा की गई है। इसमें यह तर्क दिया गया है कि अधिक वेतन बढ़ोतरी दर महंगाई, बढ़ती कीमतों और जीवन-यापन की लागत को बेहतर ढंग से दिखाएगी। इसमें वेतन स्तरों को तर्कसंगत बनाने और कुछ निचले और मध्य-स्तरीय वेतन बैंडों को आपस में मिलाकर भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही, इसमें प्रस्तावित 'फिटमेंट फैक्टर' के आधार पर आवश्यक समायोजन करते हुए उच्च-स्तरीय वेतन बैंडों को वैसे ही बनाए रखने की बात भी कही गई है।
रिवाइज्ड HRA स्ट्रक्चर का प्रस्ताव
NC-JCM ने मकान किराया भत्ता (HRA) में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी रखा है।
- X शहरों के लिए 40%
- Y शहरों के लिए 35%
- Z शहरों के लिए 30%
इसमें HRA को महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) से जोड़ने की सिफारिश की गई है, ताकि महंगाई के हिसाब से इसमें अपने-आप बदलाव हो सकें। साथ ही, हर पांच साल में शहरों के वर्गीकरण की समीक्षा करने का सुझाव भी दिया गया है।
भत्ते और वेतन समानता का भी आया प्रस्ताव
प्रावधानों में, तय योग्यताओं से अधिक योग्यता होने पर 10% अतिरिक्त वेतन, श्रम कानूनों के तहत दोगुनी दर पर ओवरटाइम और स्वास्थ्य सेवा, रक्षा तथा प्रयोगशालाओं में उच्च जोखिम वाली भूमिकाओं के लिए बेहतर वेतन शामिल हैं। वेतनमानों को समानता सुनिश्चित करने के लिए पुनर्गठित किया गया है, जिसमें न्यूनतम-अधिकतम वेतन अनुपात की सीमा 1:12 तय की गई है, ताकि रोजगार के आदर्श माहौल और मनोबल को बढ़ावा मिल सके।


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