8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि नई वेतन व्यवस्था लागू होने पर उनकी बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी और महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) समेत दूसरे भत्तों में क्या बदलाव होगा। हालांकि, अभी आठवें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर और नई वेतन संरचना पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। ऐसे में संभावित बढ़ोतरी का आकलन करने के लिए सैलरी के अलग-अलग हिस्सों को समझना जरूरी है।

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी से नई बेसिक सैलरी की गणना की जाती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 21,700 रुपये है और भविष्य में 2 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो उसकी नई बेसिक सैलरी 43,400 रुपये हो सकती है। यह केवल उदाहरण है, क्योंकि आठवें वेतन आयोग ने अभी फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है। यहां एक बात समझना जरूरी है कि बेसिक सैलरी दोगुनी होने का मतलब कुल सैलरी दोगुनी होना नहीं है। कर्मचारियों की कुल कमाई में महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य लागू भत्ते भी शामिल होते हैं। इसलिए वास्तविक बढ़ोतरी नई वेतन संरचना और भत्तों की दरों पर निर्भर करेगी।
DA में बदलाव से कितना पड़ेगा असर?
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को 60 फीसदी DA मिल रहा है। जनवरी 2026 से लागू इस दर के बाद जुलाई 2026 की अगली किस्त को लेकर भी कर्मचारियों की नजर सरकार के फैसले पर है। नई वेतन व्यवस्था लागू होने पर आम तौर पर महंगाई भत्ते को नई बेसिक सैलरी में समायोजित करके DA की गणना नए सिरे से शुरू की जा सकती है। हालांकि, आठवें वेतन आयोग के तहत इसका अंतिम तरीका अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वेतन में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
HRA और दूसरे भत्तों में भी बदलाव संभव-
मकान किराया भत्ता यानी HRA कर्मचारी के तैनाती वाले शहर की श्रेणी और बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है। सातवें वेतन आयोग के तहत शुरुआती HRA दरें X श्रेणी के शहरों के लिए 24 फीसदी, Y श्रेणी के लिए 16 फीसदी और Z श्रेणी के लिए 8 फीसदी निर्धारित की गई थीं। बाद में महंगाई भत्ता तय स्तर पर पहुंचने के साथ ये दरें क्रमशः 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी तक बढ़ीं। आठवें वेतन आयोग में HRA और यात्रा भत्ते की दरों में क्या बदलाव होगा, यह आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले से स्पष्ट होगा। यदि नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो HRA की रकम पर भी असर पड़ सकता है।
कब आएगा अंतिम फैसला?
आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन से 18 महीने का समय दिया गया है। फिलहाल आयोग कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके संगठनों से विचार-विमर्श कर रहा है। अंतिम सिफारिशें आने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई सैलरी, भत्तों और पेंशन में वास्तविक बदलाव स्पष्ट होगा। तब तक फिटमेंट फैक्टर के आधार पर किए जा रहे वेतन-वृद्धि के अनुमान को संभावित गणना के तौर पर ही देखना चाहिए।


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