8th Pay Commission: मोदी सरकार (Modi government) ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. कैबिनेट मीटिंग में आज 16 जनवरी को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी मिल गई है. इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में दी. इसके तहत अब 7वां वेतन आयोग अगले साल 2026 तक ही रहेगा. उसके बाद 8वें वेतन आयोग का गठन होगा. इसके साथ ही वेतन में भी संशोधन किया जाएगा. हालांकि, इसको लेकर अभी कोई ऑफिशियल ऐलान नहीं किया गया है. बता दें कि 2016 से 7वां वेतन आयोग लागू है.
8th Pay Commission: कितनी बढ़ेगी सैलरी?
सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा. आगे जब 8वें वेतन को लागू किया जाएगा, तब इसका प्रभाव सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और अलाउंसेज में इजाफे के तौर पर देखने को मिल सकता है.
8वें वेतन आयोग में अगर सबकुछ ठीक रहा तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है. इससे कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर भी बढ़कर 3.68 गुना पहुंच जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फॉर्मूला जो भी हो, लेकिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Basic Salary) में करीब 45% की बढ़ोतरी हो सकती है. 8वां वेतन आयोग 2026-27 में लागू किया जा सकता है.

क्या होता है वेतन आयोग?
वेतन आयोग भारत सरकार की ओर से गठित एक कमिटी है. इसके तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, एलाउंस, और अन्य वित्तीय लाभों की समीक्षा की जाती है. बताते चलें कि वेतन आयोग की ओर से की जाने वाली यह समीक्षा मौजूदा इकोनॉमिक कंडीशन को ख्याल में रखते हुए की जाती है.
अब तक वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में किया जाता रहा है, जिसका असर सेंट्रल, स्टेट, और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के कर्मचारियों पर पड़ता है. वेतन आयोग में इकोनॉमिस्ट्स, एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर्स समेत एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप शामिल होता है. ये ग्रुप ही पूरे एनलिसिस के बाद सिफारिशें कैबिनेट के सामने रखती हैं.


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