8th Pay Commission: केंद्र की मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए इस हफ्ते बड़ा ऐलान किया. इसके तहत 8वें वेतन आयोग को सेंट्रल कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. अब करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बदलाव होगा. बजट 2025 से पहले सरकार का यह मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग का गठन जल्द ही किया जाएगा. यह 1 जनवरी, 2026 से लागू हो सकता है.
कितनी बढ़ेगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी?
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कितनी सैलरी बढ़ेगी इस पर अभी कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि, फिटमैन फैक्टर इसमें काफी अहम होगा. इसी के आधार पर सैलरी और पेंशन में संशोधन की जाएगा. आसान भाषा में कहें तो फिटमैन फैक्टर, सरकरी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को बढ़ाने के लिए इस्तेमान किया जाने वाला कैलकुलेशन है. लेकिन इसमें अलाउंस नहीं होता है.
फिटमैन फैक्टर के जरिए सैलरी कैलकुलेशन
फिटमैन फैक्टर के जरिए नए वेतन आयोग के बदलाव के चलते सैलरी में बदलाव होगा. इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बदलाव होंगे. इसे उदाहरण से समझते हैं...
- मौजूदा बेसिक सैलरी: ₹40000 प्रति माह
- मान लीजिए 8वें वेतन आयोग फिटमैन फैक्टर: 2.5
- बदलने के बाद नई बेसिक सैलरी: 40000x2.5= 100000/माह
7वें वेतन आयोग में सैलरी और पेंशन
7वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2016 को लागू हुआ. इसके तहत फिटमैन फैक्टर 2.57 रहा. इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का बेस पे 2.57 से मल्टीप्लाइड हुआ. इसके तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रिकमेंड की गई, जोकि पहले 7000 रुपए रहा. इसे 2.57 मल्टीप्लाइड करने के बाद बढ़ाया गया. कमीशन ने सैलरी स्ट्रक्चर, अलाउंसेज और पेंशंस के साथ अन्य फायदों को देखा गया. 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पेंशन को 9000 रुपए रखा गया. यह छठे आयोग के दौरान 3500 रुपए था.

छठे वेतन आयोग में पेंशन और सैलरी
छठे वेतन आयोग में फिटमैन फैक्टर 1.86 रहा, जिसे पिछले बेसिक पे में मल्टीप्लाइड किया गया. इसके चलते न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपए रहा. बता दें कि फिटमैन फैक्टर पहले 1.74 प्रस्तावित था, जिसे बढ़ाकर 1.86 किया गया. ताकि सैलरी को बढ़ाया जा सके. छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 को लागू हुआ. जबक अलाउंसेज को 1 सितंबर, 2008 से लागू किया गया. साथ ही कमीशन ने कॉस्ट ऑफ लिविंग अलाउंसेज को 16 फीसदी से बढ़ाकर 22 फीसदी कर दिया था. छठे वेतन आयोग में पेंशनर्स को भी फायदे हुए थे. इसके तहत मिनिमम पेंशन को 1275 रुपए से बढ़ाकर 3500 रुपए प्रति माह किया गया था.


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