21 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें टिकी हैं, जहां महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी पर फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि 1 जुलाई, 2026 से DA में 4% का इजाफा किया जा सकता है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो कुल DA 60% से बढ़कर 64% हो जाएगा और कर्मचारियों को पूरे तीन महीने का एरियर भी मिलेगा। हालांकि, अंतिम दर वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार CPI-IW गणना के आधार पर ही तय होगी। आधिकारिक आदेश जारी होने तक इसे एक अनुमानित आकलन ही समझें।
महंगाई भत्ता CPI-IW आंकड़ों से तय होता है और साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—में इसमें संशोधन किया जाता है। पेंशनधारकों को भी इसी दर पर महंगाई राहत (DR) दी जाती है। 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत, DA के 50% से ऊपर जाते ही हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में पहले ही बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसलिए DA में इस नए बदलाव से HRA या ट्रैवल अलाउंस (TA) के स्लैब में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार का फैसला लागू होने की तारीख भले अलग हो, लेकिन बकाया एरियर अधिसूचित तिथि से ही दिया जाएगा।

DA बढ़ोतरी का गणित: 1 जुलाई, 2026 से 4% का हिसाब-किताब
| पे लेवल (7th CPC) | अनुमानित बेसिक सैलरी | +4% से हर महीने बढ़ा DA | जुलाई-सितंबर का एरियर |
|---|---|---|---|
| लेवल 3 | ₹21,700 | ₹868 | ₹2,604 |
| लेवल 6 | ₹35,400 | ₹1,416 | ₹4,248 |
| लेवल 10 | ₹56,100 | ₹2,244 | ₹6,732 |
ऊपर दी गई तालिका में लेवल 3, 6 और 10 की न्यूनतम बेसिक सैलरी के आधार पर गणना की गई है। बढ़ा हुआ DA आपकी बेसिक सैलरी का चार प्रतिशत होगा। वहीं, जुलाई से सितंबर तक का एरियर इस मासिक बढ़ोतरी का तीन गुना बनेगा। अपनी वास्तविक सैलरी का सही अनुमान लगाने के लिए बेसिक पे की जगह अपनी मौजूदा सैलरी रखकर हिसाब लगा सकते हैं। अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो 1 जुलाई, 2026 से कुल DA 64% हो जाएगा। ये पे-लेवल 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के मुताबिक हैं।
कब मिलेगी मंजूरी और कैसे खाते में आएगा एरियर?
DA बढ़ाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी और उसके बाद वित्त मंत्रालय का आधिकारिक आदेश जारी होना जरूरी है। इसके बाद अलग-अलग सरकारी विभाग इसे लागू करते हैं और पे-रोल के जरिए कर्मचारियों को एरियर जारी करते हैं। अब तक के ट्रेंड को देखें तो PIB रिलीज के जरिए DA और DR दोनों की घोषणाएं एक साथ की जाती रही हैं। आदेश जारी होने के बाद अगली सैलरी या पेंशन साइकिल के साथ यह रकम खाते में क्रेडिट हो जाती है। ध्यान रखें कि पेंशन की रकम टैक्स योग्य होती है, इसलिए अनुमानित सालाना आय के हिसाब से ही TDS काटा जाएगा।


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