नयी दिल्ली। बिना जोखिम वाले निवेश के बढ़िया ऑप्शन में एफडी का नाम सबसे ऊपर आता है। खास कर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बहुत अच्छा ऑप्शन है। एफडी की सबसे अहम बात है निश्चित रिटर्न की गारंटी। यहां आपको नुकसान की कोई गुंजाइश नहीं होती। मगर एफडी से आपको एक और बढ़िया फायदा मिल सकता है। टैक्स सेविंग एफडी से आपको रिटर्न के साथ टैक्स में भी फायदा मिलेगा। यदि आप रिटायरमेंट के करीब हैं तो आपको एफडी से रेगुलर इनकम का भी लाभ मिल सकता है। यहां हम आपको बेस्ट एफडी विकल्पों के बारे में बताएंगे।
कहां मिल रहा बढ़िया ब्याज
एफडी पर तगड़ा ब्याज देने वाले बैकों मे पहला नंबर है डीसीबी बैंक का। डीसीबी बैंक एफडी पर इस समय 6.95 फीसदी ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। डीसीबी बैंक के बाद लिस्ट में दूसरा नंबर है इंडसइंड बैंक का, जहां आपको 6.75 फीसदी ब्याज दर मिलेगा। इसके बाद जिन बैंकों में एफडी पर बढ़िया ब्याज मिल रहा है उनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, आरबीएल बैंक और सिटी यूनियन बैंक शामिल हैं। इन बैकों में एफडी पर क्रमश: 6.50 फीसदी, 6.50 फीसदी और 6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। एचडीएफसी और एसबीआई जैसे बैंकों के मुकाबले ये बढ़िया ऑप्शन है।
वरिष्ठ नागरिकों को कितना ब्याज मिलेगा
जिन बैंकों की एफडी रेट का जिक्र किया गया है उनमें वरिष्ठ नागरिकों को और भी अधिक ब्याज दर की पेशकश की जा रही है। वरिष्ठ नागरिक बढ़िया ब्याज दर के साथ टैक्स भी बचा सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को डीसीबी बैंक में सबसे ज्यादा 7.45 फीसदी ब्याज दर की पेशकश की जा रही है। इसके बाद इंडसइंड बैंक का नंबर है जहां 7.25 फीसदी ब्याज दर ऑफर की जा रही है। इसके बाद एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, आरबीएल बैंक और बंधन बैंक का नंबर है। इन बैंकों में क्रमश: 7 फीसदी, 7 फीसदी 6.50 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।
कैसे बचेगा टैक्स
गौरतलब है कि टैक्स सेविंग एफडी की अवधि कम से कम 5 साल होती है। इसलिए यदि आप 2-3 साल की एफडी पर टैक्स बचाने की सोच रहे हैं तो ये संभव नहीं होगा। दूसरी बात आप 5 साल से पहले एफडी नहीं तुड़वा सकेंगे। वैसे भी समय से पहले एफडी तुड़वाने पर ब्याज का नुकसान होता है। ऐसे में पेनल्टी के साथ-साथ आपको टैक्स छूट से भी हाथ धोना पड़ेगा। टैक्स छूट की बात करें तो इनकम टैक्स कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकता है।
ऑटो रिन्यूअल से बचें
एफडी की ऑटो रिन्यूअल का भी ऑप्शन होता है। इस ऑप्शन में आपकी एफडी की मैच्योरिटी पर उसे ऑटोमैटिक रूप से रिन्यू कर दिया जाता है। पर इसके नुकसान भी हैं। असल में मैच्योर होने पर दूसरे बैंकों की एफडी रेट से तुलना करना जरूरी है। वरना अगर कहीं और ज्यादा ब्याज मिल रहा हो तो आपको कम ब्याज पर गुजारा करना होगा। मैच्योरिटी पर तुलना करके ज्यादा ब्याज वाली एफडी तलाश करना अच्छा तरीका है।
More From GoodReturns

ITR पोर्टल स्लो है? 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले ऐसे करें फाइलिंग और ई-वेरिफिकेशन

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

ITR फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक: पोर्टल पर आ रही है दिक्कत? अपनाएं ये 5 स्मार्ट टिप्स

ITR डेडलाइन 31 जुलाई: ओल्ड या न्यू टैक्स रिजीम? जानें आपके लिए कौन सा है सही

ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति



Click it and Unblock the Notifications