एसबीआई आपकी ज्वेलरी या सोने के किसी भी रुप में पिघलाने की व्यवस्था करेगा और इसे क्वॉइन के रुप में परिवर्तित करेगा।
यदि आपके पास भी घर में सोने के गहने या सिक्के पड़े हुए हैं तो आप उनका इस्तेमाल कमाई के तौर पर कर सकते हैं। इसका फायदा लेने का मौका भारतीय स्टेट बैंक की खास योजना गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के तहत मिल रहा है।
एसबीआई आपकी ज्वेलरी या सोने के किसी भी रुप में पिघलाने की व्यवस्था करेगा और इसे क्वॉइन के रुप में परिवर्तित करेगा। इसके बाद 90 दिनों के अंदर सोने के शुद्धता के आधार पर आपको सोने का जमा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। हालांकि, यह प्रमाण पत्र अस्थायी तौर पर मिलेगा। जब जमा की अवधि खत्म हो जाती है, तब 3,4,5 या 6 साल बाद आप उस सोने को या तो गोल्ड के रुप में या कैश के रुप में ब्याज के साथ उस समय के दाम के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं।
निष्क्रिय सोने पर मिलेगी ब्याज
लॉकर में रखे सोने में आपको कुछ नहीं मिलता है। तो वहीं निष्क्रिय सोना यानी की बहुत दिनों से घर पर पड़े हुए सोने पर आपको ब्याज भी मिलेगी। एसबीआई गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत, ब्याज, गोल्ड मुद्रा में गणना की जाती है और रुपये के बराबर में भुगतान किया जाता है।
टैक्स में छूट
यदि आपके पास कमाई से ज्यादा का सोना है तो आपको इसके लिए संपत्ति कर के तहत टैक्स भरना पड़ेगा। हालांकि, एसबीआई गोल्ड डिपॉज़िट योजनाओं पर कोई संपत्ति कर, पूंजीगत लाभ कर या आयकर देय नहीं है। यानी कि आपको टैक्स में छूट मिल जाएगी।
सोने के दाम बढ़ने से मिल सकता है फायदा
जब आपकी सोना जमा योजना परिपक्व होती है, तो आप मौजूदा दरों पर रिडीम करते हैं, जिसका मतलब है कि सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है, तो आप लाभ हासिल कर सकते हैं। आप इसे लॉकर में रखे सोने की कीमत से तुलना करें आपको यहां पर डिपॉजिट स्कीम में ब्याज मिलेगा लेकिन लॉकर में रखे सोने पर नहीं मिलेगा।
लोन की सुविधा
आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी शाखा में गोल्ड के मौलिक मूल्य के 75 प्रतिशत तक रुपये के ऋण का लाभ उठा सकते हैं। यानी आपको एसबीआई की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम से लोन में भी फायदा मिलेगा।
फीस और चोरी की कोई टेंशन नहीं
आपको अपने सोने और आभूषणों को स्टोर करने के लिए लॉकर की लागतों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और चोरी की कोई चिंता भी नहीं है। जारी किए गए प्रमाण पत्र अत्यंत सुरक्षित होते हैं।
जमा करने की सीमा
जमा पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है, जबकि न्यूनतम 30 ग्राम की सीमा है। इस तरह से हम कह सकते हैं स्टेट बैंक की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम हर तरह से फायदेमंद है।
कौन कर सकता है निवेश
एसबीआई की वेबसाइट में दी गई जानकारी के अनुसार भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना में शामिल हो सकता है। सिंगल औरज्वॉइंट अकाउंट भी खुलवाया जा सकता है। तो वहीं एचयूएफ, पार्टनर्शिप फर्म भी इसमें निवेश कर सकती हैं।


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