नई दिल्ली। देश की फार्मा सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी सन फार्मास्यूटिकल्स लगातार मुनाफा कमा रही है, लेकिन इसके फाउंडर और प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी केवल 1 रुपये की प्रतीकात्मक सैलरी ले रहे हैं। जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में उनका पैकेज करीब 3 करोड़ रुपये का का था। कंपनी की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में उन्होंने सैलरी के रूप में केवल 1 रुपया लिया है। वहीं वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का मुनाफा 27 फीसदी बढ़ा है। दिलीप सांघवी इस वक्त फार्मा सेक्टर में सबसे कम सैलरी लेने वाले सीईओ है। उनके साले और और कंपनी के को-प्रमोटर सुधीर वालिया ने भी वित्त वर्ष 2019 में सैलरी के नाम पर केवल 1 रुपये की लिया है। हालांकि इस साल मई में वालिया ने कंपनी के फुल टाइम निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है। वह कंपनी के नॉन-प्रमोटर, नॉन-एग्जिक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बने रहेंगे।
पिछले वर्ष मिला था सवा तीन करोड़ रुपये का पैकेज
सन फार्मास्यूटिकल्स के सीईओ दिलीप सांघवी को बीते वर्ष यानी 2017-18 में 3.36 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिला था। वहीं उनकी तुलना में वित्त वर्ष 2018-19 में कैडिला हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक शर्विल पटेल ने सालाना वेतन व पैकेज 25 करोड़ रुपये का लिया था। वहीं ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक निलेश गुप्ता ने सालाना वेतन का पैकज 1.9 करोड़ रुपये का लिया था। फार्मा सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबारेटरीज के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ जीवी प्रसाद ने सालाना वेतन का पैकेज 12.38 करोड़ रुपये का स्वीकार किया था।
वेतन के अलावा अन्य लाभ के रूप में मिला है करीब 3 लाख रुपया
दिलीप सांघवी ने हालांकि वेतन के रूप में केवल 1 रुपया ही लिया है, लेकिन अन्य मद में उन्हें कपंनी से करीब पौने तीन लाख रुपये का लाभ मिला था। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 31 मार्च, 2019 तक कंपनी की तरफ से 2.62 लाख रुपये का अनुलाभ हाउस रेंट अलाउंस, लीव ट्रैवल असिस्टेंस, मेडिकल रीइम्बर्समेंट, पीएफ आदि के रूप में मिला है। हालांकि दिलीप सांघवी की सन फार्मा में करीब 9.6 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू इस वक्त करीब 11,039 करोड़ रुपये है।
डिविडेंड से मिला करोड़ों रुपये
सन फार्मास्यूटिकल्स लगातार अपने शेयरधाकरों को डिविडेंड दे रही है। जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में दिलीप सांघवी को उनके शेयरों के बदले करीब 63.3 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला है। वहीं इससे एक साल पहले यह डिविडेंड करीब 46.1 करोड़ रुपये का था।
कंपनी कमा रही है करोड़ों रुपये
वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी की सकल बिक्री 10 फीसदी बढ़कर 28,686 करोड़ रुपये की रही है। वहीं शुद्ध मुनाफा 27 फीसदी की बढ़ा है। हालांकि, बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 52 फीसदी गिरा है। दरअसल इस दौरान कंपनी को अपने वितरण नेटवर्क में बदलाव पर 1,085 करोड़ रुपये की रकम खर्च करनी पड़ी है। इसी के चलते मुनाफे में गिरावट दर्ज हुई है।


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