नई दिल्ली। पैन नंबर के स्थान पर सरकार ने आधार नंबर के इस्तेमाल की छूट तो दे दी है, लेकिन इसके साथ एक कठिन शर्त भी जोड़ी गई है। अगर किसी ने यह शर्त पूरी नहीं की तो उस पर 10,000 रुपये की पेनल्टी लगेगी। सरकार ने इस बार बजट प्रस्ताव में हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए पैन नंबर की जगह आधार नंबर के इस्तेमाल की भी छूट दे दी है। अब पैन के स्थान पर आधार नंबर का इस्तेमाल करके लोग कार खरीदने से लेकर घर खरीदने तक के काम कर सकेंगे। इसके अलावा निवेश और विदेशी दौरों के लिए भी पैन की जगह आधार नंबर का इस्तेमाल ही पर्याप्त होगा।

सितंबर से लागू होगा ये कड़ा फैसला
अभी बजट 2019 पास नहीं हुआ है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है की आधार नंबर के गलत इस्तेमाल पर 10,000 रुपये की पेनल्टी 1 सितंबर 2019 से लागू की जाएगी, जब तक बजट में प्रस्तावित इस नियम को कानून के रूप में नोटिफाई कर दिया जाएगा। यह जानकारी दो वरिष्ठ अधिकारियों ने दी है।
हर बार लगेगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार इस नियम के तहत जितनी बार भी लोग अपने आधार नंबर का गलत उल्लेख करेंगे, उन पर हर बार 10,000 रुपये की पेनल्टी लगाई जाएगी। हालांकि पेनाल्टी लगाने से पहले उस व्यक्ति का पक्ष जानने की कोशिश भी की जाएगी। इन अधिकारियों के अनुसार वर्तमान नियमों को 5 जुलाई को पेश बजट प्रस्तावों के अनुरूप बदला जाएगा। इसके तहत पैन और आधार को इंटर चेंजेबिलिटी के रूप में भी इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी।
बजट-2019 में आया है ये प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट प्रस्तावों में 5 जुलाई 2019 को इस तरह का प्रस्ताव पेश किया था। देश में इस वक्त करीब 120 करोड़ लोगों के पास आधार नंबर उपलब्ध हैं, जबकि पैन नंबर सिर्फ 22 करोड़ लोगों के पास ही उपलब्ध हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैन और आधार को एक सा स्टेटस प्रदान करते हुए इनकम टैक्स रिटर्न में भी पैन नंबर की जगह आधार नंबर के इस्तेमाल की छूट देने का प्रस्ताव किया है।
आधार का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा
इन बजट 2019 प्रस्तावों के तहत 50,000 रुपये से ऊपर की खरीदारी या भुगतान के लिए अब आधार नंबर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। पहले ऐसे हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए सिर्फ पैन नंबर के इस्तेमाल की ही छूट थी। जानकारों के अनुसार इनकम टैक्स एक्ट 272 बी में संशोधन करके पेनाल्टी का प्रोविजन जोड़ा जाएगा। इसके बाद ही यह कानून बन सकेगा।अभी तक इस तरह की जो कानून हैं, उनमें कई सारी खामियां हैं। लेकिन इस सुधार के बाद अब हर आधार के हर गलत इस्तेमाल पर 10,000 रुपये की पेनाल्टी लगाने का प्रावधान किया गया है। मोदी सरकार का मानना है कि 10,000 रुपये की पेनल्टी के प्रावधान से लोगों में पैनन और आधार नंबर के उल्लेख करने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिससे टैक्स आधार बढ़ाने में मदद मिलेगी।


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