यहां पर आपको इंश्योरेंस पॉलिसी में होने पर 5 नए बदलाव के बारे में बताएंगे।
कस्टमर्स को बीमा प्रोडक्ट्स की बेहतर जानकारी के लिए आईआरडीएआई (IRDAI) ने 26 अक्टूबर 2018 में कुछ बेहतर बदलाव के प्रस्ताव किए हैं। जिसमें बीमाधारक के लिए इनके कई फायदे भी हैं। यहां पर हम आपको जीवन बीमा के 5 प्रस्तावित बदलाव बता रहे हैं:
1. मिनिमम डेथ पे-आउट में बदलाव
यह प्रस्तावित है कि रेगुलर प्रोडक्टस पर मिनिमम डेथ पे-आउट 7 गुना हो और सिंगल प्रीमियम प्लान पर डेथ बेनिफ़िट 1.25 गुना हो, चाहे कोई भी उम्र हो।
वर्तमान में 45 साल से कम उम्र के व्यक्ति के लिए मिनिमम डेथ बेनिफ़िट पे-आउट 10 गुना है जबकि अन्य में यह 7 गुना है। गौर करने वाली बात है कि पे-आउट आयकर की धारा 80सी के तहत छूट के लिए पात्र है।
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे बीमाधारक को लाभ होगा क्योंकि प्रीमियम का भुगतान निवेश के रूप में होगा ना कि मोर्टेलिटी चार्ज के रूप में। इसलिए, चैनलाइज़ेशन के बढ़ने से निवेश की गई राशि बढ़ेगी और मोर्टेलिटी चार्ज के रूप में कम नहीं होगी।
2. नॉन-लिंक पॉलिसी में 2 साल बाद सरेंडर वैल्यू
वर्तमान में, यदि पॉलिसी 3 साल तक नियमित रहती है तो निश्चित सरेंडर वेल्यू मिलती है। यदि नया प्रस्ताव लागू किया जाता है, तो सरेंडर वैल्यू कम होकर 1 साल हो जाएगी, इससे कस्टमर्स को निवेश के बारे में अपना निर्णय जल्दी लेने में सुविधा रहेगी।
3. पेंशन प्लान में, सम श्योर्ड वेल्यू 60% तक कम्यूट (विनिमय) की अनुमति होगी
ऐसा है लेकिन मार्केट लिंक्ड पेंशन पॉलिसीज में, पॉलिसी धारक को आंशिक रूप से फंड विदड्रॉल की अनुमति है। अभी पेंशन प्लान में, बीमाधारक एक तिहाई राशि लंप-सम (एकमुश्त राशि) के रूप में निकाल सकता है बाकी की राशि मैच्योर होने पर मिलती है।
नए प्रस्तावित 60% कम्यूटेशन से इंश्योरेंस प्रोडक्ट एनपीएस प्रोडक्ट के अनुकूल होंगे। मार्केट लिंक्ड पेंशन प्लान में बीमाधारक के कुछ समय पर राशि निकालने की सुविधा से यह पॉलिसी ज़्यादा लचीली होगी।
4. नॉन-लिक्ड प्रोडक्टस के 2 साल के रिटेंशन पर रिवाइवल पीरियड 5 साल तक की बढ़ोतरी
पॉलिसी में, पॉलिसीधारक को मिलने वाला रिवाइवल पीरियड जिसमें अगर 2 साल से प्रीमियम जमा नहीं हुआ है तो भी पॉलिसी के सारे लाभ मिलते हैं, अभी यह 2 साल है। अब प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 5 साल का करने पर विचार किया गया है।
5. यूलिप्स (यूएलआईपीएस) में सेटलमेंट ऑप्शन 5 साल से बढ़ाकर 10 साल
इंश्योरेंस प्रीमियम की किश्त जमा करवाने का सेटलमेंट पीरियड 5 साल है और इस समय मेच्योरिटी या मृत्यु होने पर पॉलिसी लाभ के लिए पॉलिसी के नियमानुसार बकाया किश्त इस समय जमा कारवाई जा सकती हैं। इसे बढ़ाकर 10 साल करने से किसी अनहोनी पर अपनी बकाया किश्तें जमा करवाने और सेटल करने का और अधिक समय मिलेगा।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट



Click it and Unblock the Notifications