भारतीय इंश्योरेंस इंडस्ट्री के 2019-20 तक 280 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है। सरकार की आयुष्मान भारत योजना और सुरक्षा को लेकर लगातार बढ़ रही जागरूकता की मदद से यह संभव होगा। यह बात एसोचैम-एपीएएस ने अ
भारतीय इंश्योरेंस इंडस्ट्री के 2019-20 तक 280 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है। सरकार की आयुष्मान भारत योजना और सुरक्षा को लेकर लगातार बढ़ रही जागरूकता की मदद से यह संभव होगा। यह बात एसोचैम-एपीएएस ने अपने अध्ययन में कहीं है। देश में इंश्योरेंस की पहुंच 2001 में 2.71 फीसदी से बढ़कर 2017 में 3.7 फीसदी हो गई है। इसमें कहा गया कि 2011-12 में सकल प्रीमियम 3.2 लाख करोड़ 49 अरब डॉलर से बढ़कर 2017-18 में 5 लाख करोड़ रुपये 72 अरब डॉलर हो गया।

सरकार और नियामक द्वारा बढ़ावे से इंश्योरेंस की पैठ बढ़ाने में मदद मिली क्योंकि योजनाओं के विस्तार में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मध्यम आय वर्ग में बढ़ोतरी, युवा आबादी और रिटायरमेंट योजना और सुरक्षा को लेकर अधिक जागरूकता के चलते इसमें आगे और बढ़ोतरी होगी।
हांलाकि सरकार की महात्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिये गैम चेंजर बड़े स्तर पर परिवर्तन साबित होगा। क्योंकि यह इंश्योरेंस क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों पर व्यापक प्रभाव डालेगा और लाखों की संख्या में नौकरियां सृजित करेगा।
बता दें कि रिसर्च में कहा गया है कि सरकार की आयुष्मान भारत योजना तथा खर्च करने योग्य आय में बढ़ोतरी, वैश्विक कंपनियों की उपस्थिति और नियामक प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे अन्य कारकों से देश का इंश्योरेंस इंडस्ट्री 2019-20 तक 280 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। यह देश में इंश्योरेंस कल्चर की पहुंच को बढ़ाने में मदद करेंगे।


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