यहां पर आपको बताएंगे कि इंश्योरेंस पॉलिसी को बीच में ही छोड़ देने से क्या फायदे और नुकसान होते हैं।
कई बार ऐसा होता है कि लोग इंश्योरेंस पॉलिसी बड़े शौक से लेते तो हैं लेकिन फिर उसे बीच में छोड़ देते हैं। शायद वो लोग यह नहीं सोचते हैं कि उससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। ऐसा करने से क्या फायदा और क्या नुकसान होगा आगे आपको बता रहे हैं।
इस तरह से समझें
मान लीजिए कि 35 साल के एक पुरुष ने एलआईसी जीवन आनंद पॉलिसी खरीदी है और इसका सालाना प्रीमियम 30,492 रुपए सुनिश्चित लाभ 5 लाख, अवधि 20 साल और बोनस 1000 रुपए पर 45 रुपए है। यदि पॉलिसी की परिपक्वता तक प्रीमियम भरा जाता है तो उन्हें पूरा लाभ यानी 5 लाख रुपए मिलेंगे और 20 साल के बाद पूरा बोनस भी दिया जाएगा।
यदि तीन प्रीमियम भरने से पहले ही ग्राहक पॉलिसी बंद कर देता है तो उसे अब तक भरा गया पूरा प्रीमियम खोना पड़ेगा। तो वहीं यदि 1 साल का प्रीमियम दिया है तो 30,492 रुपए का नुकसान होगा।
पेड-अप पॉलिसी
तो वहीं यदि 3 प्रीमियम भरने के बाद इसे पेड-अप में बदलवा दिया जाता है तो सभी लाभ मिलते रहेंगे और मैच्योरिटी के वक्त 1,42 लाख रुपए मिलेंगे। पेड-अप पॉलिसी में पेड-अप वैल्यू आम तौर पर चुकाए गए प्रीमियम की संख्या में सुनिश्वित राशि को गुणा करने के बाद प्रीमियम की कुल संख्या से भाग देने के बाद निकाला जाता है।
इसके अलावा यदि कोई ग्राहक तीन प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी छोड़ देता है तो उसे 42,750 रुपए मिलेंगे। जबकि अगर 10 प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी छोड़ी जाती है तो 81,937 रुपए मिलेंगे।
यूनिट लिंक इंश्योरेंस प्लान
चलिए मान लेते हैं कि एक यूनिट लिंक इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) है जिसमें सालाना रिटर्न 8 पर्सेंट, अवधि 15 साल, सालाना प्रीमियम 50,000 और सुनिश्चित राशि 5 लाख है। यदि कोई पॉलिसी जारी रखता है तो सभी लाभ मिलेंगे और परिपक्वता लाभ के तौर पर 12.93 लाख रुपए 15 साल में मिलेंगे।
3, 5, और 10 वें महीने पर पॉलिसी छोड़ने पर
यदि कोई तीसरे साल में पॉलिसी छोड़ देता है तो 1.67 लाख रुपए मिलेंगे। जो कि लॉक-इन पीरियड के बाद दिए जाएंगे। इसमें सरेंडर चार्ज भी काटे जाएंगे। तो वहीं पांचवे साल में यदि पॉलिसी छोड़ी जाती है तो 3.01 लाख रुपए मिलेंगे और सरेंडर चार्ज नहीं काटे जाएंगे। यदि 10 वें साल में पॉलिसी छोड़ी जाती है तो 5.75 लाख रुपए मिलेंगे।


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