यहां पर आपको टॉप 10 गोल्ड ईटीएफ के बारे में बताएंगे, साथ ही बताएंगे कि इनमें कैसे निवेश करना चाहिए।
भारतीयों को गोल्ड से कितना प्यार है यह हर कोई जानता है। लंबे समय से, यह हमारे जाने-माने निवेश उत्पाद में से एक रहा है। आभूषण, सोने के सिक्कों या बार जैसे भौतिक रूपों में सोने की लागत भारी मात्रा में आती है, सोने के विनिमय कारोबार (Gold ETF) जैसे पेपर फॉर्म में इसका स्वामित्व सोने की वास्तविक कीमत के करीब आता है। दोनों के बीच मूल्य अंतर, फिजिकल और पेपर गोल्ड, बनाने का तरीका, लागत भंडार, जौहरी मार्जिन इत्यादि के कारण है, जो बाद में नहीं है।
इसलिए, यदि आपका उद्देश्य भविष्य में सोने में निवेश करने को लेकर है तो आपको गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना चाहिए। म्यूचुअल फंड के समान, जहां किसी के निवेश का मूल्य अंतर्निहित प्रतिभूतियों (इक्विटी या ऋण) के मूल्य का प्रतिबिंब है, स्वर्ण ईटीएफ में, सोना अंतर्निहित संपत्ति है।
गोल्ड ETF क्या है
गोल्ड ईटीएफ़ एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है जिसे केवल स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है इसमें फिजिकल गोल्ड रखने की ज़रूरत नहीं रहती है। जहां ज्वेलरी, सिक्के और बार में खरीदने और बेचने का चार्ज ज़्यादा लगता है वहीं गोल्ड ईटीएफ़ में चार्ज काफी कम लगता है। कीमत में पारदर्शिता भी इसका एक फायदा है। जिस कीमत पर यह खरीदा जाता है यह सोने की वास्तविक कीमत के आस-पास ही होती है। इसलिए यह वास्तविक गोल्ड की तरह ही है।
टॉप 10 गोल्ड ETF
1. इन्वेस्को (Invesco) इंडिया गोल्ड ईटीएफ
2. केनरा रोबेको गोल्ड ईटीएफ
3. ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ
4. IDBI गोल्ड ईटीएफ
5. यूटीआई गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड स्कीम
6. कोटक गोल्ड एग्सचेंज ट्रेडेड स्कीम
7. SBI गोल्ड ईटीएफ
8. HDFC गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
9. क्वांटम गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड स्कीम
10. रिलायंस ईटीएफ गोल्ड BeES
गोल्ड ईटीएफ में कैसे निवेश करें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से गोल्ड ईटीएफ़ खरीदना ऐसा ही है जैसे आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, इन्हें मार्केट प्राइस पर खरीदा या बेचा जा सकता है। आपको किसी शेयर ब्रोकर के पास अपना ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा। आप इन्हें लम्प-सम या सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) द्वारा नियमित अंतराल से भी खरीद सकते हैं। आप एक ग्राम सोना भी खरीद सकते हैं। इस तरह बाज़ार को ज़्यादा समय देने के बजाय सिस्टमैटिक तरीके से निवेश करें।
गोल्ड ETF खरीदने के तरीके
- चरण 1: किसी शेयर ब्रोकर के पास अपना ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवायें
- चरण 2: अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड से ब्रोकर के ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन करें
- चरण 3: गोल्ड ईटीएफ़ चुनें जिसे आप खरीदना चाहते हैं
- चरण 4: जितनी यूनिट आप खरीदना चाहते हैं उतनी गोल्ड यूटीएफ़ यूनिट्स के लिए अपना पर्चेज ऑर्डर दें
- चरण 5: आपके खाते से पैसा कट जाएगा (जुड़े हुये बचत खाते से फंड ट्रांसफर हो जाएगा)
- चरण 6: ट्रेड करने वाले दिन या अगले दिन यूनिट्स आपके डिमेट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगी
गोल्ड ईटीएफ़ चार्जेज
हालांकि गोल्ड ईटीएफ़ में एंट्री ओर एक्जिट के कोई चार्ज नहीं हैं, लेकिन इसमें 3 तरह के चार्जेज होते हैं। पहला है एक्सपेन्स रेश्यो (फंड मैनेज के लिए) जो कि म्यूचुअल फंड की तुलना में बहुत कम होता है और यह लगभग 1 प्रतिशत होता है। दूसरा है ब्रोकर कॉस्ट जो कि जब भी आप खरीदते और बेचते हैं तब लगती है। तीसरा जो है वो वास्तविक चार्ज नहीं है, यह एक ट्रेकिंग एरर है जो रिटर्न को प्रभावित करता है। जब फंड के एक्सपेन्स और होल्डिंग में वास्तविक गोल्ड प्राइस प्रकट नहीं होती है तो यह लगता है।
सही गोल्ड ईटीएफ़ कैसे चुनें
बाज़ार में करीब 12 गोल्ड ईटीएफ़ हैं। इनका परफ़ोर्मेंस फिजिकल गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव के अनुसार रहता है। ट्रेकिंग एरर और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर नज़र बनाए रखें। कम ट्रेकिंग एरर और ज़्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम वाले फंड लें। आप सुबह 9.15 से 3.30 तक कभी भी ट्रेडिंग कर सकते हैं। आप आंशिक निकासी या हर साल एक्जिट ना करें, लंबे समय के लिए निवेश करें।
टैक्स
गोल्ड ईटीएफ़ नॉन-इक्विटी निवेश है और इसके अनुसार इस पर टैक्स लगता है। 36 महीनों से कम के शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन निवेशक की आय में जुडते हैं और निर्धारित स्लेब के अनुसार इन पर टैक्स लगता है। 36 महीनों के ऊपर के कैपिटल गेन पर इंडेक्शन के बाद 20% टैक्स लगता है।
मैं क्या करूँ
सोने के निवेशक के लिए ज़रूरी है कि पोर्टफोलियो को लोन-टर्म गोल के अनुसार सेट करे। अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में खास तौर पर पेपर फॉर्म में 10 प्रतिशत से ज़्यादा गोल्ड ना रखें। यदि कीमत गिरती है तो, कुछ और असेट लें नहीं तो कीमत बढ़ने पर इन्हें बेच दें।


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