पेंशन भुगतान पर RBI के 5 निर्देश, जो पेंशनभोगियों की करेगा मदद

यहां पर आपको पेंशन भुगतान पर आरबीआई के 5 निर्देशों के बारे में बताएंगे जो कि पेंशनभोगियों के लिए मददगार साबित हो सकता है।

क्या आप एक सरकारी पेंशनभोगी हैं और ज्‍वाइंट पेंशन अकाउंट के बारे में सोच रहे हैं? या आप फैमिली पेंशन के लिए एक अलग अकाउंट खोलना चाहते हैं? क्‍या आप जानते हैं कि बैंकों को पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) नंबर बैंक अकाउंट पासबुक में दर्ज करने को कहा गया है। ताकि आप उन्हें पेंशन स्लिप जारी करने के लिए कह सकें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि पेंशन लेने वाले वरिष्‍ठ जनों को अपने पेंशन संबंधी मामले सुलझाने के लिए इधर-उधर न भागना पड़े। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक सर्कुलर के तहत इस विषय पर पेंशन वितरित करने वाले बैंकों को विभिन्‍न दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह सुर्कलर 2 जुलाई, 2018 को जारी किया गया था।

ये दिशा-निर्देश आपके पेंशन संबंधी मामलों को जल्‍द सुलझाने में मददगार हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन निर्देशों के बारे में-

1. संयुक्‍त खाते में पेंशन जमा होना

1. संयुक्‍त खाते में पेंशन जमा होना

सरकारी कर्मचारी जो या तो रिटायर हो चुके हैं, या रिटायर होने वाले हैं, उनकी पेंशन संयुक्‍त खाते में जमा हो सकती है। हालांकि, इस संयुक्त खाते को पति/पत्‍नी के साथ संचालित किया जाना चाहिए जिसे पारिवारिक पेंशन के लिए पीपीओ में अधिकार दिया गया है। इसका मतलब है कि आप किसी अन्य संयुक्‍त बैंक खाते में अपनी पेंशन नहीं ले सकते सकते, जो आपके पति/पत्‍नी के साथ साझा न हो या जिसे आपने अपनी मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन लेने के लिए नॉमीनेट न किया हो।

बचत बैंक खाता या तो 'फॉर्मर या सरवाइवर' पर संचालित किया जा सकता है। इसके लिए बैंक के नियम और शर्तें इस प्रकार हैं।

A- पेंशनभोगी के बैंक खाते में पेंशन के जमा होने के बाद, सरकार या बैंक पति/पत्नी द्वारा गलत तरीके से पैसे निकाले जाने के लिए उत्तरदायी नहीं।

B- बैंक को एक महीने के भीतर पेंशनभोगी की मृत्यु के बारे में सूचित करना होगा। यदि पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद संयुक्त खाते में कोई अतिरिक्त पेंशन जमा कर दी गई है, तो उसे संयुक्त खाते या पेंशनभोगी पति/पत्नी द्वारा व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त रूप से आयोजित किसी अन्य खाते से रिकवर की जाएगी। अकाउंट के कानूनी उत्तराधिकारी कोई भी राशि गलत तरीके से जमा करने के लिए उत्तरदायी होंगे।

C- यदि पेंशन का कोई बकाया लंबित है, तो उसे पेंशनभोगी के पति/पत्नी के साथ संयुक्त खाते में जमा किया जाएगा।

पेंशनभोगी की मौत होने बैंक पति/पत्नी को फैमिली पेंशन के क्रेडिट के लिए नया बैंक खाता खोलने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। पति/पत्नी मौजूदा संयुक्त खाते में फैमिली पेंशन प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं।

 

2. बैंक की पासबुक में POP रिकॉर्ड

2. बैंक की पासबुक में POP रिकॉर्ड

आरबीआई ने पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों को पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों को उन बैंक खातों में पीपीओ नंबर रिकॉर्ड करने की सलाह दी है, जिसमें पेंशन जमा की जाती है। यह पेंशनभोगियों को पीपीओ के नुकसान से संबंधित कई समस्याओं से बचने में मदद करेगा।

पीपीओ एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है क्योंकि परिवार पेंशनभोगियों सहित सरकारी पेंशनभोगियों को हर साल नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र जमा करते समय इस नंबर का उल्लेख करना आवश्यक है। पेंशन भुगतान शाखाओं को जीवन प्रमाण पत्र जमा न करने पर आपकी पेंशन बंद हो सकती है।

अन्य आम समस्याओं में पेंशन खाता एक बैंक या शाखा से दूसरे बैंक या शाखा में ट्रांसफर करना, पेंशनभोगी के निधन के मामले में फैमिली पेंशन शुरू करना आदि प्रनुख हैं। इसलिए, यदि आपके बैंक खाते में आपका पीपीओ नंबर दर्ज नहीं है, तो आप पेंशन वितरण करने वाले बैंक से ऐसा करने के लिए कह सकते हैं।

 

3. पीपीओ का अपग्रेडेशन और पेंशन स्लिप्स जारी करना

3. पीपीओ का अपग्रेडेशन और पेंशन स्लिप्स जारी करना

जब भी बेसिक पेंशन या महंगाई भत्ते (डीए) में हुए बदलाव की राशि को पेंशनभोगी या फैमिली पेंशनर के कहते में जमा किया जाता है, तो उन्हें भी सूचित किया जाना चाहिए। केंद्रीय बैंक ने बैंकों से पेंशनभोगी की और से पीपीओ में हुए बदलावों को दर्ज करने के लिए रिकॉर्ड वापस मांगने को कहा गए। ताकि इसमें प्रभावी तिथि की अमाउंट में बदलाव को दर्शाया जा सके।

इसका मतलब है कि जब भी डीए में वृद्धि होती है, तो आप अपने बैंक जाकर उनसे पीपीओ की कॉपी में हुए समान बदलावों को रिकॉर्ड में दर्ज करने दर्शाने के लिए कह सकते हैं। इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि पेंशन की कुल राशि कब और कितनी बढ़ी थी।

पेंशनभोगियों को पेंशन दस अमाउंट में बदलाव के बारे में अपडेट करने के लिए केंद्र सरकार, डिफेंस, रेलवे और राज्य सरकारों ने पेंशन स्लिप्स जारी करने का फैसला किया है। पेंशनभोगी इन स्लिप्स को अपनी पेंशन भुगतान शाखा से लेने के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

इन पेंशन स्लिप्स से आप अपनी पेंशन का ट्रैक रिकॉर्ड रख सकते हैं। इसके अलावा आपको इनसे यह भी पता चल सकता है की आपको 80 साल की उम्र के बाद डीए या आयु लाभ में वृद्धि के कब से मिल रहे हैं।

 

4. पेंशन एरियर लेने के लिए नामांकन

4. पेंशन एरियर लेने के लिए नामांकन

सरकारी पेंशनर्स को उनके उत्तराधिकारी नामांकित करना अनिवार्य होता है, जो उनकी मृत्यु की स्थिति में सरकार से पेंशन एरियर की राशि ले सकेंगे। यदि ऐसा होता है तो पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बनाने के लिए केंद्रीय बैंक ने बैंक शाखाओं को फॉर्म A या B में नामांकन स्वीकार करने की सलाह दी है।

नए नामांकन की रिक्वेस्ट लिए पेंशनभोगी फॉर्म A का इस्तेमाल करते हैं। मौजूदा नामांकन में कोई भी संशोधन फॉर्म बी के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन वेबसाइट पर नियमों को फॉलो करना अनिवार्य है।

आरबीआई ने पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों को सलाह दी है कि इस संबंध में नामांकन को आपके बैंक खाते की पासबुक के सामने वाले पेज पर भी प्रिंट किया जाना चाहिए। ये नियम फैमिली पेंशन लेने वाले पेंशनभोगियों पर भी लागू होते हैं।

 

5. हायर डेयरनेस रिलीफ भुगतान के लिए समय के अंतराल को कम करना

5. हायर डेयरनेस रिलीफ भुगतान के लिए समय के अंतराल को कम करना

आरबीआई ने अपने मास्टर सर्कुलर में हायर डेयरनेस रिलीफ (डीआर) के लाभ को जल्द से जल्द देने के लिए बैंकों को आदेश जारी करने और उसके भुगतान के बीच समय अंतराल को कम करने के निर्देश दिए हैं।

इससे उन सीनियर सिटीजन पेंशनभोगियों को राहत मिलेगी, जिन्हें आमतौर पर हायर पेंशन लेने के लिए पांच से छह महीने या कभी-कभी इससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता है।
मास्टर सर्कुलर के अनुसार केंद्रीय बैंक ने सरकारी पेंशनर्स से डील करने वाले सभी अधिकृत बैंकों को सलाह दी है कि वे इस संबंध में विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की अधिसूचनाओं में बताई गई आवश्यक कार्रवाई के लिए उनसे अगले निर्देशों का इंतजार किए बिना कार्रवाई न करें।

इसमें कहा गया है कि पेंशन भुगतान करने वाली बैंक शाखाओं को सरकार की ओर से दिए गए आदेशों की प्रतियों पर अधिकृत कार्यालयों के प्रमुख कार्यालयों या क्षेत्रीय कार्यालयों पर काम करना चाहिए। पेंशनभोगियों को सरकारी पेंशन के समय पर सही वितरण की बारीकी से निगरानी और मॉनीटर करने के लिए बैंकों के प्रमुख कार्यालयों को निर्देश दिया है।

 

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